{"_id":"62d99c1dd07ac950607a69b2","slug":"had-asked-for-70-lakhs-did-not-get-a-penny-mainpuri-news-agr5409452173","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यटन विकास के लिए मांगे 70 लाख, नहीं मिली फूटी कौड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यटन विकास के लिए मांगे 70 लाख, नहीं मिली फूटी कौड़ी
विज्ञापन
मैनपुरी। जिले में पर्यटन के विकास को जिला योजना की बैठक में प्रस्ताव तो तीन साल से पास हो रहे हैं लेकिन मिल फूटी कौड़ी नहीं है। इसके चलते पर्यटन स्थलों का विकास नहीं हो सका है।
बीते वर्ष वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में जिला योजना की बैठक हुई थी। इसमें स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ ही पर्यटन विकास पर भी चर्चा हुई। जिला प्रशासन ने तीन पौराणिक स्थलों का चयन कर उन्हें स्थानीय पर्यटन विकास योजना में शामिल किया। इसके लिए 70 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित था।
उप मुख्यमंत्री ने इसे अनुमोदित कर दिया लेकिन पूरा साल बीतने के बाद भी शासन ने धनराशि नहीं दी। इसके चलते न तो पौराणिक स्थलों का विकास हो सका और न ही पर्यटन को बढ़ावा मिल सका। सीडीओ विनोद कुमार ने बताया कि बजट प्राप्त होने पर विकास कार्य कराएं जाएंगे।
विज्ञापन
---
दो साल से नहीं मिली राशि
पर्यटन विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 ही नहीं 2019-20 और 2020-21 में भी राशि नहीं मिली। दोनों ही वित्तीय वर्षों में जिला योजना की बैठक में बजट प्रस्तावित कर उसे अनुमोदित कराया गया था। वित्तीय वर्ष 2019-20 में एक करोड़ और 2020-21 में 70 लाख का बजट प्रस्तावित था।
---
ये स्थल होने थे विकसित
शीतला देवी मंदिर, च्यवन ऋषि आश्रम और अछईपुर स्थित शिव मंदिर को विकसित करना था।
विज्ञापन
बीते वर्ष वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में जिला योजना की बैठक हुई थी। इसमें स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ ही पर्यटन विकास पर भी चर्चा हुई। जिला प्रशासन ने तीन पौराणिक स्थलों का चयन कर उन्हें स्थानीय पर्यटन विकास योजना में शामिल किया। इसके लिए 70 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित था।
विज्ञापन
उप मुख्यमंत्री ने इसे अनुमोदित कर दिया लेकिन पूरा साल बीतने के बाद भी शासन ने धनराशि नहीं दी। इसके चलते न तो पौराणिक स्थलों का विकास हो सका और न ही पर्यटन को बढ़ावा मिल सका। सीडीओ विनोद कुमार ने बताया कि बजट प्राप्त होने पर विकास कार्य कराएं जाएंगे।
विज्ञापन
---
दो साल से नहीं मिली राशि
पर्यटन विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 ही नहीं 2019-20 और 2020-21 में भी राशि नहीं मिली। दोनों ही वित्तीय वर्षों में जिला योजना की बैठक में बजट प्रस्तावित कर उसे अनुमोदित कराया गया था। वित्तीय वर्ष 2019-20 में एक करोड़ और 2020-21 में 70 लाख का बजट प्रस्तावित था।
---
ये स्थल होने थे विकसित
शीतला देवी मंदिर, च्यवन ऋषि आश्रम और अछईपुर स्थित शिव मंदिर को विकसित करना था।