Mathura: ज्ञानवापी के बाद मथुरा की ईदगाह मस्जिद सील करने की मांग, कोर्ट में दिया प्रार्थना पत्र
अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने प्रार्थना पत्र देकर शाही ईदगाह पर सुरक्षा बढ़ाए जाने के साथ ही वहां आने जाने पर रोक और सुरक्षा अधिकारी को नियुक्त करने की मांग की है।
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उनका आरोप है कि प्रतिवादीगण द्वारा वहां पर मौजूद अवशेष स्थलों को नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। लिहाजा ईदगाह को सील किया जाए। इससे संबंधित महेंद्र प्रताप ने मंगलवार को एक प्रार्थना पत्र सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दिया। उन्होंने प्रार्थना पत्र में कहा है कि जिस प्रकार से ज्ञानवापी में हुए सर्वे में मंदिर के अवशेष शिवलिंग आदि मिले हैं। इसी प्रकार से मथुरा में ईदगाह के स्थान पर मूल मंदिर था और आज भी कुछ अवशेष मौजूद हैं। जिनको प्रतिवादीगण नष्ट कर सकते हैं।
उन्होंने अदालत से मांग की है कि ईदगाह मस्जिद में सभी का आना-जाना प्रतिबंधित किया जाए। कोई सक्षम अधिकारी अवशेष की सुरक्षा के लिए नियुक्त किया जाए। साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला मजिस्ट्रेट व सीआरपीएफ कमांडेंट को निर्देशित कर ईदगाह को सील किया जाए। प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि ईदगाह ही मुख्य गर्भगृह है। अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि उक्त प्रार्थना पत्र पर एक जुलाई को सुनवाई होगी।
ईदगाह मस्जिद का सर्वे कराने की भी मांग
मथुरा में नारायणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव, अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्याय के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने वाराणसी की ज्ञानव्यापी मस्जिद की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि व ईदगाह प्रकरण में शाही ईदगाह पर सर्वे की मांग की थी। तीनों ने ही इस संबंध में अदालत में प्रार्थनापत्र दिया, जिसमें कहा गया कि शाही ईदगाह परिसर का भी अधिवक्ता कमीशन द्वारा सर्वे किया जाना चाहिए। अदालत ने उनके प्रार्थनापत्र को स्वीकार कर एक जुलाई को सुनवाई का निर्णय लिया है।
ताकि नष्ट न किए जा सकें सबूत
उन्होंने प्रतिवादियों पर आरोप लगाया है कि वह ईदगाह परिसर से उन सबूतों को नष्ट कर सकते हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर तोड़कर ईदगाह तैयार की गई है। इस संबंध में अधिवक्ता कमीशन गठित किया जाना चाहिए। अदालत पहुंचे मनीष यादव ने बताया कि अदालत ने अधिवक्ता कमीशन संबंधी उनकी मांग के प्रार्थनापत्र पर एक जुलाई की तारीख सुनवाई के लिए तय की है।रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
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