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गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पांव, बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए
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कासगंज। गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पांव, बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए....कबीर दास द्वारा लिखी गई यह पंक्तियां जीवन में गुरु के महत्व को बखूबी दर्शाती हैं। जिले में कई लोग ऐसे हैं जो शिक्षकों की प्रेरणा से मुकाम तक पहुंचे। अब ये लोग गुरु की महिमा का बखान करते नहीं थकते।
वर्ष 2019 में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर सिविल सर्विस में शिखर की ओर आगे बढ़े अंकित सिंह मूल रूप से मोहल्ला जय जय राम सिटी रोड के रहने वाले हैं। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा कासगंज से प्राप्त की। उनकी मां पुष्पा देवी बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षिका हैं। अंकित कहते हैं कि मां ने उन्हें दुलार दिया तो शिक्षिका की तरह अनुशासन की भी सीख दी। उन्हें घर में रहकर प्रतिदिन अभ्यास कराया। मां की प्रेरणा से ही आज रेलवे का अधिकारी बना।
वर्ष 2019 में यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईएएस बने अजय कुमार गंजडुंडवारा क्षेत्र के गांव देवकली के रहने वाले हैं। उनके पिता रामवीर सिंह इसी गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर तैनात रहे। अजय कुमार इन दिनों मऊ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हैं। वे कहते हैं कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा उनके पिता के तैनाती स्कूल पर ही हुई। पिता घर में तो पिता होने का फर्ज निभाते थे और स्कूल में शिक्षक होने का फर्ज। गलतियां करने पर स्कूल में जमकर फटकार लगाते थे। आज पिता की प्रेरणा से ऊंचाई मिली है।
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मूल रूप से मोहल्ला जय-जय राम की गली पल्लेदारान के रहने वाले दीपक कुमार वर्ष 2015 बैच के पीसीएस हैं। इन दिनों वे आगरा के सहकारिता विभाग में तैनात हैं। वे अपनी सफलता के पीछे शिक्षकों की प्रेरणा बताते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने प्राथमिक और माध्यमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक कासगंज में ही प्राप्त की। उनके प्रेरणा स्रोत शिक्षक डॉ. जितेंद्र परमार हैं जो सिकंदराराऊ के महाविद्यालय में तैनात हैं। वे हमेशा एक ही सीख देते थे कि भटको नहीं। लगातार लक्ष्य की ओर आगे बढ़ो। उन्हीं की प्रेरणा से मैंने पीसीएस बनने का लक्ष्य किया और आज मैं अपने उद्देश्य में कामयाब होकर जिम्मेदारी निभा रहा हूं।
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वर्ष 2019 में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर सिविल सर्विस में शिखर की ओर आगे बढ़े अंकित सिंह मूल रूप से मोहल्ला जय जय राम सिटी रोड के रहने वाले हैं। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा कासगंज से प्राप्त की। उनकी मां पुष्पा देवी बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षिका हैं। अंकित कहते हैं कि मां ने उन्हें दुलार दिया तो शिक्षिका की तरह अनुशासन की भी सीख दी। उन्हें घर में रहकर प्रतिदिन अभ्यास कराया। मां की प्रेरणा से ही आज रेलवे का अधिकारी बना।
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वर्ष 2019 में यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईएएस बने अजय कुमार गंजडुंडवारा क्षेत्र के गांव देवकली के रहने वाले हैं। उनके पिता रामवीर सिंह इसी गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर तैनात रहे। अजय कुमार इन दिनों मऊ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हैं। वे कहते हैं कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा उनके पिता के तैनाती स्कूल पर ही हुई। पिता घर में तो पिता होने का फर्ज निभाते थे और स्कूल में शिक्षक होने का फर्ज। गलतियां करने पर स्कूल में जमकर फटकार लगाते थे। आज पिता की प्रेरणा से ऊंचाई मिली है।
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मूल रूप से मोहल्ला जय-जय राम की गली पल्लेदारान के रहने वाले दीपक कुमार वर्ष 2015 बैच के पीसीएस हैं। इन दिनों वे आगरा के सहकारिता विभाग में तैनात हैं। वे अपनी सफलता के पीछे शिक्षकों की प्रेरणा बताते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने प्राथमिक और माध्यमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक कासगंज में ही प्राप्त की। उनके प्रेरणा स्रोत शिक्षक डॉ. जितेंद्र परमार हैं जो सिकंदराराऊ के महाविद्यालय में तैनात हैं। वे हमेशा एक ही सीख देते थे कि भटको नहीं। लगातार लक्ष्य की ओर आगे बढ़ो। उन्हीं की प्रेरणा से मैंने पीसीएस बनने का लक्ष्य किया और आज मैं अपने उद्देश्य में कामयाब होकर जिम्मेदारी निभा रहा हूं।