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Ground Water Level: ताजनगरी में रोक के तीन साल बाद भी नहीं रुका भूजल दोहन, चौंका रही रिपोर्ट

Fri, 07 Oct 2022 03:14 PM IST
धीरेन्द्र सिंह देश दीपक, आगरा
देश दीपक, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 07 Oct 2022 03:14 PM IST
सार

 शहर में 2000 से अधिक अवैध आरओ प्लांट और 3.50 लाख से अधिक सबमर्सिबल पंप जमीन से पानी खींच रहे हैं। रोक के तीन साल बाद भी भूजल दोहन नहीं रुक पा रहा है। 
 

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Groundwater exploitation did not stop even after three years of ban in agra
भूगर्भ जलस्तर में गिरावट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भूगर्भ जल एक्ट 2019 में बना। बिना पंजीकरण बोरिंग पर रोक लगी, लेकिन तीन साल बाद भी रोक बेअसर है। व्यावसायिक रूप से अंधाधुंध भूजल का दोहन हो रहा है। ये स्थिति तब है जब जिले में इसके लिए टास्क फोर्स बनी है। कार्रवाई के नाम पर रस्म अदायगी से भूजल संकट गहरा रहा है।

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शहर में भूजल स्तर 250 से 350 फुट है। बल्केश्वर, कमला नगर, खंदारी, ताजगंज व शास्त्रीपुरम में 400 फुट गहराई तक बोरिंग फेल हो रहे हैं। भूगर्भ जल संकट से बचने के लिए 2019 में भूगर्भ जल एक्ट बना। बिना पंजीकरण बोरिंग कराने पर रोक लगी। परंतु तीन साल में एक्ट धरातल पर लागू नहीं हो सका है। जमीन से जितना पानी निकाला जा रहा है, उसका 50 फीसदी भी रिचार्ज नहीं हो रहा। ऐसे में हालात आने वाले खतरे का संकेत हैं। भूगर्भ विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार शहर में 2000 से अधिक अवैध आरओ प्लांट हैं। जो पानी को बेच रहे हैं। उधर, 3.50 लाख से अधिक सबमर्सिबल पंप हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 50 हजार से अधिक ट्यूबवेल हैं। जो भूजल स्तर में गिरावट से फेल हो रहे हैं। 

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हड्डियां गला रहा फ्लोराइड

नगर निगम क्षेत्र में भूजल पीने लायक नहीं। पानी खारा है। भूजल में फ्लोराइड बढ़ रहा है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. बीके अग्रवाल के अनुसार फ्लाराइड युक्त पानी बीमारियों को जन्म दे रहा है। हड्डियां कमजोर पड़ रही हैं। बाल झड़ रहे हैं। शुद्ध पानी की कमी से पथरी व पाइल्स की समस्या हो रही है।

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वाटर रिचार्ज ही विकल्प

गहराते भूजल संकट से निजात के लिए वाटर रिचार्ज ही एकमात्र विकल्प है। लोग महत्व समझें। जल प्रबंधन करें। पानी की बर्बादी रोकें। पानी को रिसाइकिल कर पुन: उपयोग करें। एक्ट में दुरुपयोग पर जुर्माना व कार्रवाई का प्रावधान है। - वीके उपाध्याय, निदेशक, भूगर्भ जल विभाग


करवा रहे हैं सर्वे

शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में सभी बोरिंग का सर्वे करवा रहे हैं। भूगर्भ जल, विकास विभाग व नगर निगम संयुक्त रूप से सर्वे कर रिपोर्ट देंगे। रिपोर्ट के आधार पर अवैध दोहन बंद होगा। - हिमांशु गौतम, प्रभारी जिलाधिकारी

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