{"_id":"5f8735028ebc3e74f561fbea","slug":"gram-panchayat-mainpuri-news-agr4637032191","type":"story","status":"publish","title_hn":"नियम विरुद्ध चार पंचायतों में सचिव ने किया भुगतान, जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नियम विरुद्ध चार पंचायतों में सचिव ने किया भुगतान, जांच शुरू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। विकास खंड करहल की चार ग्राम पंचायतों में तैनात नए पंचायत सचिव ने बिना हस्ताक्षर प्रमाणित कराए ही बैंकों से ग्राम निधि के खातों का संचालन शुरू करा लिया। इतना ही नहीं खातों से धनराशि का भुगतान भी कर लिया। पंचायती राज विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बैंकों को भी नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
विकास खंड करहल में तैनात एक पंचायत सचिव को कुछ दिन पहले बेवर ब्लॉक में स्थानांतरित कर दिया गया था। उनके स्थानांतरण से खाली हुई ग्राम पंचायत पतारा, गदनपुर, निनौली और उदनाटांडा में ग्राम विकास अधिकारी (पंचायत सचिव) उदित चौहान को तैनात किया गया था। उदित चौहान ने चारों पंचायतों के खातों को बिना डीपीआरओ से हस्ताक्षर प्रमाणित कराए ही चालू करा लिया। ये खाते बैंक ऑफ इंडिया की शाखा रंपुरा और करहल में संचालित हैं।
न केवल नियम विरुद्ध तरीके से ग्राम विकास अधिकारी ने खाता खुलवा लिया, बल्कि ग्राम पंचायतों के खाते से ऑनलाइन भुगतान भी कर दिया। मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने बैंक ऑफ इंडिया रंपुरा और करहल के शाखा प्रबंधकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही खंड विकास अधिकारी करहल को जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। पंचायत सचिव को भी इस संबंध में नोटिस जारी किया गया है।
विज्ञापन
ऐसे हुई मामले की जानकारी
पंचायत राज विभाग को न तो खाते खुलने की जानकारी थी और न ही धनराशि के भुगतान की। ऐसे में विभागीय अधिकारियों को लगा कि पूर्व में तैनात सचिव ने अब तक पंचायतों का कार्यभार नए सचिव को नहीं दिया है। इसके बाद डीपीआरओ स्वामीदीन ने पूर्व में तैनात रहे सचिव से जवाब मांगा। इसमें पता चला कि न केवल नए सचिव को चार्ज दे दिया गया है बल्कि उनके खातों का संचालन कर भुगतान भी किया है। इसके बाद मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया था।
खंड विकास अधिकारी ने कैसे कर दिए हस्ताक्षर प्रमाणित
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि खंड विकास अधिकारी करहल रामप्रसाद ने हस्ताक्षर प्रमाणित किए थे। इसके बाद बैंकों ने ग्राम पंचायतों के खाते खोल दिए गए। नियमानुसार जिला पंचायत राज अधिकारी को ही खाता संचालित करने के लिए सचिव के हस्ताक्षर प्रमाणित करने की अनुमति है। ऐसे में खंड विकास अधिकारी ने भी नियम विरुद्ध हस्ताक्षर कैसे प्रमाणित कर दिए।
करहल की चार ग्राम पंचायत में नियम विरुद्ध सचिव ने बैंक में खातों का संचालन शुरू करा लिया। गलत तरीके से भुगतान भी किया गया। जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं, जल्द ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।
विज्ञापन
विकास खंड करहल में तैनात एक पंचायत सचिव को कुछ दिन पहले बेवर ब्लॉक में स्थानांतरित कर दिया गया था। उनके स्थानांतरण से खाली हुई ग्राम पंचायत पतारा, गदनपुर, निनौली और उदनाटांडा में ग्राम विकास अधिकारी (पंचायत सचिव) उदित चौहान को तैनात किया गया था। उदित चौहान ने चारों पंचायतों के खातों को बिना डीपीआरओ से हस्ताक्षर प्रमाणित कराए ही चालू करा लिया। ये खाते बैंक ऑफ इंडिया की शाखा रंपुरा और करहल में संचालित हैं।
विज्ञापन
न केवल नियम विरुद्ध तरीके से ग्राम विकास अधिकारी ने खाता खुलवा लिया, बल्कि ग्राम पंचायतों के खाते से ऑनलाइन भुगतान भी कर दिया। मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने बैंक ऑफ इंडिया रंपुरा और करहल के शाखा प्रबंधकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही खंड विकास अधिकारी करहल को जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। पंचायत सचिव को भी इस संबंध में नोटिस जारी किया गया है।
विज्ञापन
ऐसे हुई मामले की जानकारी
पंचायत राज विभाग को न तो खाते खुलने की जानकारी थी और न ही धनराशि के भुगतान की। ऐसे में विभागीय अधिकारियों को लगा कि पूर्व में तैनात सचिव ने अब तक पंचायतों का कार्यभार नए सचिव को नहीं दिया है। इसके बाद डीपीआरओ स्वामीदीन ने पूर्व में तैनात रहे सचिव से जवाब मांगा। इसमें पता चला कि न केवल नए सचिव को चार्ज दे दिया गया है बल्कि उनके खातों का संचालन कर भुगतान भी किया है। इसके बाद मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया था।
खंड विकास अधिकारी ने कैसे कर दिए हस्ताक्षर प्रमाणित
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि खंड विकास अधिकारी करहल रामप्रसाद ने हस्ताक्षर प्रमाणित किए थे। इसके बाद बैंकों ने ग्राम पंचायतों के खाते खोल दिए गए। नियमानुसार जिला पंचायत राज अधिकारी को ही खाता संचालित करने के लिए सचिव के हस्ताक्षर प्रमाणित करने की अनुमति है। ऐसे में खंड विकास अधिकारी ने भी नियम विरुद्ध हस्ताक्षर कैसे प्रमाणित कर दिए।
करहल की चार ग्राम पंचायत में नियम विरुद्ध सचिव ने बैंक में खातों का संचालन शुरू करा लिया। गलत तरीके से भुगतान भी किया गया। जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं, जल्द ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।