{"_id":"6997e16e1c3f1dedaa0c6517","slug":"gpf-payments-go-fully-online-bringing-transparency-and-faster-processing-2026-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुशखबर: जीपीएफ भुगतान हुआ पूरी तरह ऑनलाइन, रिटायर्ड कर्मचारियों को अब नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशखबर: जीपीएफ भुगतान हुआ पूरी तरह ऑनलाइन, रिटायर्ड कर्मचारियों को अब नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर
Fri, 20 Feb 2026 09:52 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 20 Feb 2026 09:52 AM IST
सार
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जीपीएफ अदालत एवं कार्यशाला के दौरान लंबित शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विज्ञापन
जीपीएफ
- फोटो : amarujala.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके भविष्य निधि, जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) भुगतान के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। महालेखाकार कार्यालय ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है, जिससे पारदर्शिता और तेजी आई है। यह जानकारी बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जीपीएफ अदालत एवं कार्यशाला के दौरान वरिष्ठ उप महालेखाकार अभिषेक कुमार ने दी। अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि जीपीएफ भुगतान की सभी प्रक्रियाएं अब ऑनलाइन हैं। आहरण वितरण अधिकारी, मुख्य कोषाधिकारी और स्वयं कर्मचारी समय-समय पर भुगतान की स्थिति को चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।
वरिष्ठ उप महालेखाकार ने यह भी कहा कि प्रक्रिया ऑनलाइन होने से मिलान पत्र और अंतिम भुगतान प्राधिकार पत्र तीनों स्तरों पर एक साथ उपलब्ध होते हैं, जिसका सीधा लाभ सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को मिलता है। अदालत के दौरान कर्मचारियों की मिसिंग क्रेडिट, रिफंड प्रकरण, एनपीएस से जीपीएफ में ट्रांसफर हुए कर्मियों के लंबित मामले और अन्य शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही सहायता अनुदान के उपयोगिता प्रमाण-पत्र और एसी बिल के सापेक्ष डीसी बिल जमा करने जैसे लेखा संबंधी बिंदुओं पर चर्चा की गई। इस दौरान अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन महिमा चंद, मुख्य कोषाधिकारी रीता सचान, कोषाधिकारी विनय तिवारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
वरिष्ठ उप महालेखाकार ने यह भी कहा कि प्रक्रिया ऑनलाइन होने से मिलान पत्र और अंतिम भुगतान प्राधिकार पत्र तीनों स्तरों पर एक साथ उपलब्ध होते हैं, जिसका सीधा लाभ सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को मिलता है। अदालत के दौरान कर्मचारियों की मिसिंग क्रेडिट, रिफंड प्रकरण, एनपीएस से जीपीएफ में ट्रांसफर हुए कर्मियों के लंबित मामले और अन्य शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही सहायता अनुदान के उपयोगिता प्रमाण-पत्र और एसी बिल के सापेक्ष डीसी बिल जमा करने जैसे लेखा संबंधी बिंदुओं पर चर्चा की गई। इस दौरान अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन महिमा चंद, मुख्य कोषाधिकारी रीता सचान, कोषाधिकारी विनय तिवारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन