फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   govt not serious about tourism development

बातें बड़ी-बड़ी, काम न आए किसी घड़ी

Sun, 27 Sep 2015 02:14 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा Updated Sun, 27 Sep 2015 02:14 AM IST
विज्ञापन
govt not serious about tourism development
ताजमहल, किला और सीकरी। तीन-तीन वर्ल्ड हेरिटेज मान्यूमेंट का शहर। बातों में इनका जिक्र है, लेकिन पर्यटन बढ़ाने के कदम उठाने से सरकारें पीछे हैं। केंद्र एवं राज्य की सत्ता और सरकार के अफसर बातें तो बड़ी-बड़ी करके जा रहे हैं, लेकिन पर्यटन दिवस पर 10 साल पुराना मांग पत्र और एजेंडा ही चल रहा है। समस्याएं वही हैं। आलम ये कि लगातार तीसरे साल आगरा में सैलानी घट रहे हैं, जबकि देश में विदेशी सैलानियों की तादात में बढ़ोतरी हो रही है।
विज्ञापन

देश में जनवरी से अगस्त तक 50.68 लाख सैलानी आए हैं, लेकिन इसी अवधि में ताज देखने वालों की संख्या महज 4.2 लाख है। इसी तरह अगस्त के महीने में देश में 5.89 लाख सैलानी आए, लेकिन ताजमहल केवल 45 हजार ही पहुंचे। साल 2014 के मुकाबले 2015 में विदेशी पर्यटकों की तादाद में महज 4.5 फीसदी की बढ़ोतरी है, जबकि 2013-14 में यह 22 प्रतिशत से ज्यादा रही है। आगरा में रात्रि प्रवास करने वाले पर्यटकों का आंकड़ा तो और कम है। एक्सप्रेस वे के कारण रात्रि प्रवास में कमी आई है।
विज्ञापन

पर्यटन नीति बनाई, पर फायदा कुछ न दिया
ताजनगरी सहित प्रदेश भर के पर्यटन उद्यमियों की मांग लग्जरी टैक्स की दरों में कमी करने की रही है। हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली में 3,000 रुपये से अधिक कीमत का होटल किराया लग्जरी टैक्स की सीमा में है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह सीमा 999 रुपये है। प्रदेश सरकार ने पर्यटन नीति बनाई, लेकिन इसमें रियायत नहीं दी। इसी तरह रेस्टोरेंट पर वैट में भी कमी नहीं की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

एयरपोर्ट नहीं, तब तक पीछे रहेगा आगरा
होटल एंड रेस्टोरेंट एसो. अध्यक्ष राकेश चौहान के मुताबिक, जब तक आगरा में एयरपोर्ट नहीं बनता, तब तक आगरा ड्राइविंग सीट पर नहीं बैठ सकता। भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों में से 27.8 फीसदी दिल्ली एयरपोर्ट पर आते हैं। अगर इंटरनेशनल फ्लाइट आगरा सीधे आएं तो यह आंकड़ा हमारे पास होगा और हम पर्यटकों की आइटनरी तय करेंगे, लेकिन प्रदेश सरकार इसे समझने को तैयार नहीं। टूरिज्म गिल्ड महासचिव राजीव सक्सेना के मुताबिक, छोटे-छोटे पर्यटन हितैषी काम की जरूरत है, न कि करोड़ों, अरबों के निवेश की। पर्यटन का माहौल बनना चाहिए, अपने आप पर्यटक बढ़ेंगे।

टिकट दर बढ़ने से और घट जाएंगे सैलानी
मंत्रियों के काम करने का अंदाज देखिए। आगरा में ही केंद्रीय पर्यटन मंत्री डा. महेश शर्मा ने एडीए के 500 रुपये के पथकर को कम कर 150 से 250 के बीच करने की हिमायत की, लेकिन जब दिल्ली पहुंचे तो उसी सप्ताह एएसआई के स्मारकों पर टिकट दरों में तीन गुने की बढ़ोतरी करा दी। ए श्रेणी के स्मारकों पर भारतीय पर्यटकों की टिकट दर 10 की जगह 30 और विदेशियों की 250 की जगह 750 रुपये करने की अधिसूचना भी जारी कर दी। यह दरें एक नवंबर से देश भर के स्मारकों पर लागू भी हो जाएंगी। दुनिया भर में छाई मंदी के चलते पर्यटन उद्योग टिकट दर कम करने की मांग कर रहा था, लेकिन पर्यटन को महंगा करने का असर अगले साल दिखाई देगा। विदेशी पर्यटकों की तादाद में कमी देखने को मिल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed