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Agra News: टैरिफ के चक्रव्यूह से निकालने के लिए रियायतें दे सरकार

Fri, 30 Jan 2026 03:03 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jan 2026 03:03 AM IST
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Government should give concessions to get out of the tariff maze
रुचि अग्रवाल, प्रदीप वासन, दीपिका मित्तल
आगरा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को आम बजट पेश करेंगी। इस बजट से पहले आगरा के फुटवियर और लेदर उद्योग ने अमेरिकी टैरिफ के चक्रव्यूह से बाहर निकालने के लिए सरकार से रियायतों की उम्मीदें लगा रखी हैं। आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर ने वित्त मंत्री से चमड़े के आयात पर लगाए गए 10 फीसदी आयात शुल्क को हटाने और उत्पादन आधारित इंसेंटिव देने के साथ ड्यूटी फ्री लाइसेंस देने की मांग की है।
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देश के घरेलू जूता कारोबार में आगरा की हिस्सेदारी 65 फीसदी है, जबकि निर्यात में आगरा का हिस्सा 27 फीसदी है। करीब पांच हजार करोड़ रुपये का लेदर फुटवियर हर साल दुनिया भर में आगरा से निर्यात हो रहा है। बीते साल से अमेरिकी टैरिफ की आंच से फुटवियर उद्योग सहमा हुआ था। हालांकि, पहली तिमाही में अमेरिकी टैरिफ का असर लेदर फुटवियर पर ज्यादा नजर नहीं आया। दरअसल, टैरिफ लागू होने से पहले ही निर्यातकों ने ऑर्डर पूरे कर भेज दिए थे। इस तिमाही के आंकड़ों का इंतजार है। ऐसे में आम बजट से पहले एफमेक ने वित्त मंत्री को मांगपत्र भेजा है।
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ये हैं प्रमुख मांगें
- फुटवियर उद्योग को निर्यात प्रतिस्पर्धा में बनाए रखने के लिए राहत पैकेज दिया जाए
- तकनीकी अपग्रेड करने के लिए एकीकृत चमड़ा क्षेत्र विकास निधि शुरू की जाए
- लेदर सेक्टर को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना में इंसेंटिव दिया जाए
- पूर्व की तरह ड्यूटी फ्री के लाइसेंस दिए जाएं ताकि कीमतों में कमी आ सके
- चमड़े के आयात पर 10 फीसदी आयात शुल्क समाप्त किया जाए, इससे लागत बढ़ी है।
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ब्याज पर मिली सब्सिडी

- बजट में रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए निधि तय की जाए और पूरा ढांचा तैयार किया जाए। अमेरिकी टैरिफ से मुकाबले के लिए राहत चाहिए, वहीं ब्याज में सब्सिडी और प्रोत्साहन के लिए इंसेंटिव दिया जाए। - गोपाल गुप्ता, अध्यक्ष एफमेक
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- यूरोपीय यूनियन से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अगले साल जनवरी में शुरू होगा। उससे पहले इस साल की चुनौतियों से निपटने के लिए रियायतें चाहिए। उद्योग को सरकार से मदद मिलेगी तो यूरोपीय बाजार में भी हमारी हिस्सेदारी 3 फीसदी से बढ़कर 6 फीसदी तक हो सकती है। - प्रदीप वासन, महासचिव, एफमेक
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प्रोफेशनल्स की बजट से उम्मीदें
- यूनिफॉर्म आईटीआर फॉर्म की जरूरत है। अभी सात अलग-अलग तरह के आईटीआर फॉर्म भरने पड़ते हैं, जिसमें गलतियां ज्यादा हो जाती हैं। स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम में छूट के साथ स्टैंडर्ड डिडक्शन भी डेढ़ लाख रुपये तक किया जाए। - दीपिका मित्तल, सीए

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महिलाओं की उद्यमिता के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएं। महिलाओं को आर्थिक रूप में मजबूत करने के साथ इससे अर्थव्यवस्था में सहयोग मिलेगा। टीडीएस में छूट की सीमा को पांच लाख रुपये किया जाए। - रुचि अग्रवाल, टैक्स विशेषज्ञ

रुचि अग्रवाल, प्रदीप वासन, दीपिका मित्तल

रुचि अग्रवाल, प्रदीप वासन, दीपिका मित्तल

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