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आखिर कहां गया 511 गोवंश, धरती लील गई या आकाश खा गया
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नगर की एक गोशाला में गोवंश
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। नगर की गोशाला में गोवंश के रखरखाव को लेकर सवाल उठाया गया है। भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. अरुण चौहान ने इस संबंध में सीडीओ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से शिकायत की है। सीडीओ ने जांच शुरू करा दी है। गोशाला में 250 से अधिक गोवंश की मौत को लेकर सवाल किया गया है। जबकि नगर पालिका प्रशासन मात्र 31 गोवंश की मौत की ही पुष्टि कर रहा है।
सीडीओ को दिए शिकायती पत्र में कहा गया है कि एक वर्ष पूर्व गोशाला में 12 सौ गोवंश बताए गए थे। जब जिलाधिकारी ने गणना कराई तो 1089 गोवंश होने का लेखा जोखा रखा गया। एक साल के अंदर 511 गोवंश गोशाला से लापता हैं। हाल ही में जब जिलाधिकारी ने गोवंश की टैगिंग कराने के निर्देश दिए तो गोशाला में 333 गाय, 177 नंदी तथा 37 बच्चे पाए गए।
इनकी कुल संख्या 547 है। जबकि नगर पालिका प्रशासन द्वारा दर्ज रिकार्ड में 31 गोवंश की मौत दिखाई गई है। आखिर गोशाला से 511 गोवंश कहां चला गया। इसकी जानकारी न तो नगर पालिका प्रशासन दे पा रहा है और न ही गोवंश की देखभाल करने वाले कर्मचारी। शिकायती पत्र में कहा गया है कि गोशाला के रक्षकों तथा नगर पालिका द्वारा जिला प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है।
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गोशाला में केवल 31 गोवंश की मौत दिखाई गई है जिनका पोस्टमार्टम कराया गया है। जबकि 250 से अधिक गोवंश की भूख प्यास से तड़प-तड़प कर मौत हो गई। जिसे गोशाला के अंदर ही रात के अंधेरे में दफना दिया गया है। उन्होंने शिकायत में यह भी कहा है कि यदि गोशाला की खोदाई करा ली जाए तो सच सामने आ जाएगा।
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सीडीओ को दिए शिकायती पत्र में कहा गया है कि एक वर्ष पूर्व गोशाला में 12 सौ गोवंश बताए गए थे। जब जिलाधिकारी ने गणना कराई तो 1089 गोवंश होने का लेखा जोखा रखा गया। एक साल के अंदर 511 गोवंश गोशाला से लापता हैं। हाल ही में जब जिलाधिकारी ने गोवंश की टैगिंग कराने के निर्देश दिए तो गोशाला में 333 गाय, 177 नंदी तथा 37 बच्चे पाए गए।
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इनकी कुल संख्या 547 है। जबकि नगर पालिका प्रशासन द्वारा दर्ज रिकार्ड में 31 गोवंश की मौत दिखाई गई है। आखिर गोशाला से 511 गोवंश कहां चला गया। इसकी जानकारी न तो नगर पालिका प्रशासन दे पा रहा है और न ही गोवंश की देखभाल करने वाले कर्मचारी। शिकायती पत्र में कहा गया है कि गोशाला के रक्षकों तथा नगर पालिका द्वारा जिला प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है।
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गोशाला में केवल 31 गोवंश की मौत दिखाई गई है जिनका पोस्टमार्टम कराया गया है। जबकि 250 से अधिक गोवंश की भूख प्यास से तड़प-तड़प कर मौत हो गई। जिसे गोशाला के अंदर ही रात के अंधेरे में दफना दिया गया है। उन्होंने शिकायत में यह भी कहा है कि यदि गोशाला की खोदाई करा ली जाए तो सच सामने आ जाएगा।