ताजमहल पर चलने वाली गोल्फ कार्ट के निजीकरण की तैयारी
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आगरा में तमाम कोशिशों के बावजूद ताजमहल पर गोल्फ कार्ट और बैटरी बसों का संचालन ठीक से नहीं हो पा रहा है। जितनी गोल्फ कार्ट या बैटरी बसें चलती हैं, उससे कहीं ज्यादा मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ी रहती है, इसमें तमाम गोल्फ कार्ट तो नई हैं। ऐसे में पर्यटकों को परेशानी उठानी पड़ती है। इसी समस्या के समाधान के लिए इनके रखरखाव की जिम्मेदारी निजी हाथों में देने की तैयारी है।
इस संबंध में मंडलायुक्त अनिल कुमार ने आगरा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से वार्ता की है। उन्होंने इस दिशा में मंथन करने के निर्देश दिए हैं। ताजमहल के 500 मीटर दायरे में डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहन प्रतिबंधित हैं।
ऐसे में ताज पूर्वी गेट से प्रवेश करने वाले पर्यटकों के लिए शिल्पग्राम और पश्चिमी गेट से प्रवेश करने वालों के लिए अमरूद का टीला पर पार्किंग हैं। यहां से ताजमहल तक गोल्फ कार्ट या बैटरी बसों से जाना होता है। इनका संचालन आगरा विकास प्राधिकरण के अधीन होता है।
मगर, रखरखाव के अभाव में अधिकांश गोल्फ कार्ट या बैटरी बसें वर्कशॉप में ही खड़े रहते हैं। ऐसे में इन प्रदूषण रहित वाहनों के अभाव में ताज तक पैदल चलना पड़ता है। शनिवार को रविवार को भीड़ अधिक होने की स्थिति में ज्यादा परेशानी होती है। इसको देखते हुए मंडलायुक्त ने इनके रखरखाव को निजी हाथों में देने की दिशा में कवायद शुरू कर दी है।
मंडलायुक्त अनिल कुमार का कहना है कि ताजमहल पर गोल्फ कार्ट और बैटरी बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। साथ ही इनका रखरखाव निजी हाथों में देने के लिए विचार करने को कहा है।