{"_id":"a779081dd7e2ef7d7ea346d3e321c57c","slug":"golden-kalash-at-tower-of-gurdwara-guru-ka-taal-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वर्णिम आभा बिखेरेगा गुरुद्वारा गुरु का ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वर्णिम आभा बिखेरेगा गुरुद्वारा गुरु का ताल
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा/फईम खान
Updated Thu, 01 Oct 2015 02:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की तरह एतिहासिक गुरुद्वारा गुरु का ताल स्वर्णिम आभा बिखेरेगा। अमृतसर से 13 किलोग्राम सोने के 15 कलश बनकर आ चुके हैं। इन्हें जल्द ही गुंबदों पर सुशोभित किया जाएगा। यह पूरे प्रदेश में पहला ऐसा गुरुद्वारा होगा जहां सोने के कलश लगे होंगे।
गुरुद्वारा गुरु का ताल में कुल 15 कलश लगाए जाएंगे। इसमें से नौ कलश दरबार साहिब के ऊपर चार छोटे गुंबदों पर, चार पालकी पर, सीढ़ियों के ऊपर बनी पालकी पर, लंगर खाने की ओर बने चार गुंबदों पर और एक बड़ा कलश गुरुद्वारा मंजी साहिब पर चढ़ाया जाएगा। दरबार साहिब के मुख्य गुंबद पर एक कलश 18 अप्रैल को सुशोभित किया जा चुका है।
‘ यूपी, राजस्थान और मध्यप्रदेश के गुरुद्वारों में सोने के कलश नहीं हैं। चूंकि गुरुद्वारा गुरु का ताल ऐतिहासिक है, इसलिए अमृतसर के खास कारीगरों से 15 कलश बनवाए गए हैं। इन्हें लगवाने का काम जल्द शुरू कराया जाएगा।’
विज्ञापन
संत बाबा प्रीतम सिंह, गुरुद्वारा, गुरु का ताल
विज्ञापन
गुरुद्वारा गुरु का ताल में कुल 15 कलश लगाए जाएंगे। इसमें से नौ कलश दरबार साहिब के ऊपर चार छोटे गुंबदों पर, चार पालकी पर, सीढ़ियों के ऊपर बनी पालकी पर, लंगर खाने की ओर बने चार गुंबदों पर और एक बड़ा कलश गुरुद्वारा मंजी साहिब पर चढ़ाया जाएगा। दरबार साहिब के मुख्य गुंबद पर एक कलश 18 अप्रैल को सुशोभित किया जा चुका है।
विज्ञापन
‘ यूपी, राजस्थान और मध्यप्रदेश के गुरुद्वारों में सोने के कलश नहीं हैं। चूंकि गुरुद्वारा गुरु का ताल ऐतिहासिक है, इसलिए अमृतसर के खास कारीगरों से 15 कलश बनवाए गए हैं। इन्हें लगवाने का काम जल्द शुरू कराया जाएगा।’
विज्ञापन
संत बाबा प्रीतम सिंह, गुरुद्वारा, गुरु का ताल