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‘सोने की तस्करी से मिल रही आतंक को ताकत’
अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 23 Jul 2016 12:28 AM IST
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बुलियन फेडरेश्ान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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साल 2001 से 2012 तक इंपोर्ट ड्यूटी कम होने पर देश में सोने की तस्करी पूरी तरह से रुक गई, लेकिन चार साल पहले 10 फीसदी ड्यूटी किए जाने के बाद से सोने की तस्करी लगातार बढ़ रही है और अब यह 190 टन तक पहुंच गई है। इससे सरकारी खजाने को चोट पहुंच रही है। हवाला के जरिए हो रहा तस्करी के सोने का भुगतान आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा है। सोने की तस्करी से आतंक को ताकत मिल रही है।
सरकार को तय करना है कि ड्यूटी घटने से टैक्स की कमी सहनी है या फिर आतंकवाद। यह चेतावनी दी बुलियन कारोबारियों ने, जो ताजनगरी में बुलियन फेडरेशन ग्लोबल कन्वेंशन में सोने की तस्करी के असर पर चिंतन कर रहे थे।
कन्वेंशन के दूसरे दिन पैनल डिस्कशन में बुलियन कारोबारी हरीश पवानी, हर्षद अजनेरा, पृथ्वीराज कोठारी, उमेश गर्ग, वेंकटेश चंद्रा और भार्गव वैद्य ने तस्करी के हर पहलू पर बात की।
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चर्चा में सामने आया कि सोने के आयात पर 10 प्रतिशत ड्यूटी की जगह इसे घटाकर पांच प्रतिशत ही कर दिया जाए जो 2012 तक लगता रहा है। इससे तस्करी पूरी तरह से रुक जाएगी। दरअसल, तस्करी के सोने और आयातित सोने के मूल्य में इतना ही फर्क आ रहा है।
पैनल ने आतंकी दाऊद इब्राहिम का हवाला देते हुए कहा कि मुंबई में आतंकी गतिविधियों में तस्करी के भुगतान की रकम ही लगी थी। आगरा के बुलियन कारोबारी अजय अवागढ़ ने भी सवाल उठाया कि घरेलू बाजार में आभूषणों की मांग में कमी नहीं आई है तो फिर आभूषण बनाने के लिए सोना कहां से आ रहा है।
16 हजार करोड़ ड्यूटी से वसूली
केंद्र सरकार के खजाने में हर साल 16 हजार करोड़ रुपये सोने के आयात से पहुंचते हैं। अगर इस पर 10 की जगह ड्यूटी पांच फीसदी कर दी जाए तो वसूली घटकर आठ हजार करोड़ रह जाएगी, लेकिन सोने की तस्करी पूरी तरह से रुक जाएगी, जिसमें 30 हजार करोड़ रुपये हवाला के जरिए आतंकियों तक पहुंच रहे हैं।
बांग्लादेश-श्रीलंका से हो रही तस्करी
बुलियन कारोबारियों की सबसे बड़ी चिंता बांग्लादेश, श्रीलंका से हो रही सोने की तस्करी है। इंडियन एसोसिएशन आफ हॉलमार्किंग सेंटर के अध्यक्ष हर्षद अजमेरा ने मंच से साफ कहा कि एक लाख रुपये में किसी भी एयरपोर्ट पर कन्साइनमेंट बाहर निकल आता है। तस्करी के कारण सोने का आयात 86 फीसदी घटा है। एयरपोर्ट पर सोना पकड़ने के बाद कुछ दिनों में ही जमानत मिल जाती है।
30,000 करोड़ रुपये के सोने की तस्करी सालाना
3000 करोड़ रुपये की सरकारी खजाने को चोट
190 टन सोना तस्करी से पहुंच रहा भारत
900 टन सोना बीते साल हुआ आयात
130 टन सोना पहले छह महीने में आया
70 टन सोना जनवरी में आयात हुआ
60 टन फरवरी से जुलाई के बीच आयात
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सरकार को तय करना है कि ड्यूटी घटने से टैक्स की कमी सहनी है या फिर आतंकवाद। यह चेतावनी दी बुलियन कारोबारियों ने, जो ताजनगरी में बुलियन फेडरेशन ग्लोबल कन्वेंशन में सोने की तस्करी के असर पर चिंतन कर रहे थे।
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कन्वेंशन के दूसरे दिन पैनल डिस्कशन में बुलियन कारोबारी हरीश पवानी, हर्षद अजनेरा, पृथ्वीराज कोठारी, उमेश गर्ग, वेंकटेश चंद्रा और भार्गव वैद्य ने तस्करी के हर पहलू पर बात की।
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चर्चा में सामने आया कि सोने के आयात पर 10 प्रतिशत ड्यूटी की जगह इसे घटाकर पांच प्रतिशत ही कर दिया जाए जो 2012 तक लगता रहा है। इससे तस्करी पूरी तरह से रुक जाएगी। दरअसल, तस्करी के सोने और आयातित सोने के मूल्य में इतना ही फर्क आ रहा है।
पैनल ने आतंकी दाऊद इब्राहिम का हवाला देते हुए कहा कि मुंबई में आतंकी गतिविधियों में तस्करी के भुगतान की रकम ही लगी थी। आगरा के बुलियन कारोबारी अजय अवागढ़ ने भी सवाल उठाया कि घरेलू बाजार में आभूषणों की मांग में कमी नहीं आई है तो फिर आभूषण बनाने के लिए सोना कहां से आ रहा है।
16 हजार करोड़ ड्यूटी से वसूली
केंद्र सरकार के खजाने में हर साल 16 हजार करोड़ रुपये सोने के आयात से पहुंचते हैं। अगर इस पर 10 की जगह ड्यूटी पांच फीसदी कर दी जाए तो वसूली घटकर आठ हजार करोड़ रह जाएगी, लेकिन सोने की तस्करी पूरी तरह से रुक जाएगी, जिसमें 30 हजार करोड़ रुपये हवाला के जरिए आतंकियों तक पहुंच रहे हैं।
बांग्लादेश-श्रीलंका से हो रही तस्करी
बुलियन कारोबारियों की सबसे बड़ी चिंता बांग्लादेश, श्रीलंका से हो रही सोने की तस्करी है। इंडियन एसोसिएशन आफ हॉलमार्किंग सेंटर के अध्यक्ष हर्षद अजमेरा ने मंच से साफ कहा कि एक लाख रुपये में किसी भी एयरपोर्ट पर कन्साइनमेंट बाहर निकल आता है। तस्करी के कारण सोने का आयात 86 फीसदी घटा है। एयरपोर्ट पर सोना पकड़ने के बाद कुछ दिनों में ही जमानत मिल जाती है।
30,000 करोड़ रुपये के सोने की तस्करी सालाना
3000 करोड़ रुपये की सरकारी खजाने को चोट
190 टन सोना तस्करी से पहुंच रहा भारत
900 टन सोना बीते साल हुआ आयात
130 टन सोना पहले छह महीने में आया
70 टन सोना जनवरी में आयात हुआ
60 टन फरवरी से जुलाई के बीच आयात