बोरे में बंद मिली युवती की लाश: शिनाख्त के प्रयास में जुटी पुलिस, डीएनए सैंपल सुरक्षित रखा गया
सदर के टैंक चौराहा पर बोरे में बंद युवती का शव मिला था। पुलिस के खूब प्रयास के बाद भी उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने डीएनए सुरक्षित रख लिया है।
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आगरा के थाना सदर के टैंक चौराहा पर हत्या कर फेंके गए युवती के शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। 72 घंटे बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इसकी रिपोर्ट नहीं मिली है। डीएनए सैंपल सुरक्षित रखा गया है। युवती कहां की रहने वाली थी? किसने हत्या की? इन सवालों के जवाब नहीं मिल सके हैं।
प्लास्टिक के बोरे में मिली थी लाश
टैंक चौराहा स्थित नाले में 27 मई को एक प्लास्टिक का बोरा मिला था। सफाईकर्मियों ने उसे खोला तो कपड़ों के बीच छिपाकर रखा युवती का शव मिला था। उम्र करीब 25 साल थी। हाथ-पैर बंधे थे। शव तीन से चार दिन पुराना लग रहा था। उसके एक हाथ पर अंग्रेजी में अजीत लिखा था। पुलिस के तमाम प्रयास के बाद भी शिनाख्त नहीं हो सकी।
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कपड़े भी रखे गए सुरक्षित
एसीपी सदर अर्चना सिंह के मुताबिक, लावारिस में अंतिम संस्कार कराय गया है। कपड़ों को सुरक्षित रखा गया है। डीएनए सैंपल भी लिया गया है। परिजन मिलते हैं तो कपड़ों व फोटो से पहचान कराई जाएगी। डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है। रिपोर्ट मिलना बाकी है। पड़ताल के लिए टीम लगी है।
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पहले भी फेल रही है आगरा पुलिस
किसी युवती और महिला की हत्या कर शव फेंके जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। पुलिस पहले भी फेल हुई है। एत्मादपुर में दो युवती, खंदौली में एक युवती, सिकंदरा में एक युवती और महिला की लाश मिल चुकी हैं। इनकी हत्या के बाद पहचान छिपाने की कोशिश की गई। अब एक और युवती की हत्या कर शव फेंका गया। इस बार भी पुलिस शिनाख्त नहीं कर सकी।
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आसपास के जिलों की सीमा का उठा रहे फायदा
आगरा से यमुना एक्सप्रेसवे होते हुए दो घंटे में दिल्ली जाया जा सकता है। लखनऊ एक्सप्रेसवे से लखनऊ जा सकते हैं। इसके अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा भी लगती है। इसका फायदा उठाकर ही शवों को फेंके जाने का शक है। मृतक दूसरे जिलों के होने के कारण शिनाख्त नहीं हो पाती है। कई बार लोगोंं को पता नहीं चल पाता है।