Mathura News: यमुना किनारे बसे 66 गांवों में बनेंगे पक्के घाट, प्रतिदिन होगी आरती
डीएम पुलकित खरे ने कहा कि जनपद में 66 ग्राम पंचायत यमुना के किनारे हैं। यहां के ग्रामीणों के लिए यमुना सिर्फ नदी नहीं रहनी चाहिए। ग्राम पंचायतों में पक्के घाट विकसित करने के निर्देश को दिए गए हैं।
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मथुरा जिले के 66 गांवों में यमुना किनारे अब घाट बनाए जाएंगे। इन पर नियमित आरती हुआ करेगी। इतना ही नहीं इन गांवों में पक्के शमशान स्थल भी बनाए जाएंगे। बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर स्थित सभागार में नमामि गंगे के अंतर्गत जिला गंगा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
डीएम पुलकित खरे ने कहा कि जनपद में 66 ग्राम पंचायत यमुना के किनारे हैं। यहां के ग्रामीणों के लिए यमुना सिर्फ नदी नहीं रहनी चाहिए। इस मानसिकता को बदलने के लिए ग्राम पंचायतों में पक्के घाट विकसित करने के निर्देश डीपीआरओ किरन चौधरी को दिए। फंड के लिए प्रशासनिक मदद ली जा सकती है।
ग्रामीण करेंगे यमुना की आरती
डीएम ने कहा कि इन गांवों में ग्राम पंचायत गंगा समिति के साथ अन्य ग्रामीणों को घाटों पर नियमित आरती की जिम्मेदारी दी जाए। निर्देशित किया कि इन गांवों के श्मशान स्थल भी पक्के बनाए जाएं। ग्रामीणों की इच्छा के मुताबिक इन्हें यमुना के आसपास विकसित किया जाए।
मथुरा शहरी क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषित जल को लेकर उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। अवगत कराया कि औद्योगिक क्षेत्र में 17 यूनिट और सरस्वती कुंड पर 20 यूनिट संचालित हैं। संचालकों ने दो अक्तूबर तक सभी यूनिटों में एसटीपी की व्यवस्था का समय लिया है।
डीएम ने निर्देश दिए इसी अवधि में निरीक्षण की कार्रवाई कर ली जाए। जो कमियां हैं दो अक्तूबर से पहले दुरुस्त करा दी जाएं। इससे उद्यमियों को फिर परेशानी न हो। सदस्य दिलीप यादव ने कोसी छाता क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक इकाईयों की स्थिति पर चिंता जाहिर की।