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सुषमा स्वराज के निधन से विदेशी भी रोए, जर्मनी की 'सुदेवी दासी' हुईं भावुक
Wed, 07 Aug 2019 02:05 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 07 Aug 2019 02:05 PM IST
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सुषमा स्वराज (तस्वीर-PTI), पद्मश्री सुदेवी दासी (दायें)
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पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन से देशभर में शोक की लहर है। देशवासी ही नहीं विदेशी भी उनकी याद में भावुक हो रहे हैं। मथुरा के राधाकुंड में रह रहीं पद्मश्री सुदेवी दासी को जैसे ही पूर्व विदेश मंत्री के निधन की जानकारी मिली वो भावुक हो गईं।
सुदेवी दासी जर्मनी की रहने वाली हैं। उनका वास्तविक नाम फ्रेडरिक इरिना ब्रूनिंग है। पिछले तीन दशक से वो राधाकुंड में रहकर बेसहारा गोवंश की सेवा कर रही हैं। उनकी गोसेवा के लिए इस वर्ष केंद्र सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया।
हाल ही में सुदेवी दासी के वीजा की अवधि समाप्त होने वाली थी। आवेदन करने के बावजूद वीजा अवधि नहीं बढ़ाई गई थी। इस पर सुदेवी ने पद्मश्री लौटाने की बात कही थी। मामला सुषमा के संज्ञान में आया तो उन्होंने तुरंत उनका वीजा बढ़वाया था।
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मंगलवार की रात जब सुषमा स्वराज के निधन की खबर सुदेवी दासी को मिली तो वो अपने आंसू रोक नहीं पाई। भावुक होते हुए सुदेवी दासी ने कहा कि सुषमा स्वराज के निधन से वो स्तब्ध हैं। यकीन नहीं हो रहा कि सुषमा स्वराज अब हमारे बीच नहीं हैं।
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सुदेवी दासी जर्मनी की रहने वाली हैं। उनका वास्तविक नाम फ्रेडरिक इरिना ब्रूनिंग है। पिछले तीन दशक से वो राधाकुंड में रहकर बेसहारा गोवंश की सेवा कर रही हैं। उनकी गोसेवा के लिए इस वर्ष केंद्र सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया।
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हाल ही में सुदेवी दासी के वीजा की अवधि समाप्त होने वाली थी। आवेदन करने के बावजूद वीजा अवधि नहीं बढ़ाई गई थी। इस पर सुदेवी ने पद्मश्री लौटाने की बात कही थी। मामला सुषमा के संज्ञान में आया तो उन्होंने तुरंत उनका वीजा बढ़वाया था।
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मंगलवार की रात जब सुषमा स्वराज के निधन की खबर सुदेवी दासी को मिली तो वो अपने आंसू रोक नहीं पाई। भावुक होते हुए सुदेवी दासी ने कहा कि सुषमा स्वराज के निधन से वो स्तब्ध हैं। यकीन नहीं हो रहा कि सुषमा स्वराज अब हमारे बीच नहीं हैं।