{"_id":"6ab5d95b781100cd8508162e","slug":"ganpati-visarjan-today-know-the-auspicious-muhurat-and-anant-chaturdashi-puja-vidhi-2026-09-25","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बप्पा की विदाई आज: अनंत चतुर्दशी पर जानें गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त, पूजा की पूरी विधि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बप्पा की विदाई आज: अनंत चतुर्दशी पर जानें गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त, पूजा की पूरी विधि
Fri, 25 Sep 2026 07:45 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 25 Sep 2026 07:45 AM IST
सार
अनंत चतुर्दशी पर आज गणपति विसर्जन के साथ भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाएगी। गणेश विसर्जन का शुभ समय सुबह 7:50 से 10:09 बजे और दोपहर 12:15 से 4:15 बजे तक बताया गया है।
विज्ञापन
गणपति विसर्जन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला अनंत चतुर्दशी का पर्व इस वर्ष 25 सितंबर को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की आराधना के साथ गणपति विसर्जन के लिए भी अत्यंत फलदायी और पवित्र माना जाता है।
विज्ञापन
ज्योतिषाचार्य आशिमा शर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन विधि-विधान से पूजन कर 14 गांठों वाला अनंत सूत्र धारण करने से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और स्थायित्व आता है। पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि बृहस्पतिवार की रात 11:18 बजे से शुरू होकर शुक्रवार रात 11:07 बजे तक रहेगी। राहुकाल सुबह 10:39 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक रहेगा। पूजा के पश्चात पुरुष दाहिने हाथ और महिलाएं बाएं हाथ में अनंत सूत्र धारण करती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूजा विधि और विशेष उपाय
प्रातःकाल स्नान कर भगवान विष्णु का ध्यान करें। पंचामृत से स्नान कराकर पीले पुष्प, रोली, अक्षत, फल, मिठाई और तुलसी दल अर्पित करें। ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें और व्रत कथा का श्रवण करें। जरूरतमंदों को भोजन कराएं और पीले फल व मिठाई का दान करें। ज्योतिषाचार्य ज्योति वृजवासी ने बताया कि अनंत चतुर्दशी के दिन ही गणेश विसर्जन की परंपरा है। उन्होंने कहा कि जिन भक्तों ने अपने घर पर छोटे गणेश मूर्ति रखे हैं वो घर पर ही साफ शुद्ध जल में गंगाजल और पुष्प डाल कर किसी बड़े बर्तन में विसर्जित कर सकते हैं। उसके बाद उस जल और मिट्टी को पेड़-पौधों को अर्पित कर दें।
प्रातःकाल स्नान कर भगवान विष्णु का ध्यान करें। पंचामृत से स्नान कराकर पीले पुष्प, रोली, अक्षत, फल, मिठाई और तुलसी दल अर्पित करें। ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें और व्रत कथा का श्रवण करें। जरूरतमंदों को भोजन कराएं और पीले फल व मिठाई का दान करें। ज्योतिषाचार्य ज्योति वृजवासी ने बताया कि अनंत चतुर्दशी के दिन ही गणेश विसर्जन की परंपरा है। उन्होंने कहा कि जिन भक्तों ने अपने घर पर छोटे गणेश मूर्ति रखे हैं वो घर पर ही साफ शुद्ध जल में गंगाजल और पुष्प डाल कर किसी बड़े बर्तन में विसर्जित कर सकते हैं। उसके बाद उस जल और मिट्टी को पेड़-पौधों को अर्पित कर दें।
गणेश मूर्ति विसर्जन का शुभ समय:
सुबह 7:50 बजे से 10:09 बजे तक और दोपहर में 12:15 बजे से 4:15 बजे तक।
सुबह 7:50 बजे से 10:09 बजे तक और दोपहर में 12:15 बजे से 4:15 बजे तक।