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बाजे ढोल...उड़ा गुलाल, विदा हुए गौरी के लाल
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गणेश विसर्जन कैलाश मंदिर यमुना घाट के पास कुंड पर गणेश विसर्जन का आयोजन किया गया
- फोटो : Agra City
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आगरा। उड़ते अबीर गुलाल के बीच ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते भक्त। उल्लास और उमंग के बीच गणपति बप्पा मोरया... का जयकारा। शहर की कॉलोनियों में और सड़कों पर रविवार को दिनभर यह नजारा दिखा। कॉलोनियों के छोटे पंडालों, मंदिरों और घरों में विराजमान 2100 से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं का गणपति से अगले बरस आने का आह्वान करते हुए विसर्जन किया गया। गणेश विसर्जन यात्राओं से यमुना किनारा रोड पर दिनभर जाम के हालात रहे।
अनंत चतुर्दशी पर अनुराग नगर, बल्केश्वर घाट, दशहरा घाट, हाथी घाट पर मुख्य रूप से भक्त गणपति के विसर्जन के लिए पहुंचे। सुबह से टोलियों के आने का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। इन टोलियों में महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल थे। गणपति का तेज से तेज जयकारा लगाने की होड़ मची थी। एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी के अनुसार देर शाम तक 2100 प्रतिमाओं का विभिन्न घाटों पर बनाए गए कुंडों में विसर्जन किया गया। शाम को शहर के मंदिरों में भंडारे और भजन संध्या का आयोजन किया गया।
गमलों में किया विसर्जन
अनंत चतुर्दशी पर पर्यावरण सुरक्षा को लेकर प्रथम पूज्य के भक्त जागरूक दिखे। रविवार को यमुना के घाटों पर विसर्जन के अलावा तमाम घरों में नए गमले में घर के मंदिर में विराजमान गणपति भगवान का विसर्जन किया गया। दूध, गंगाजल, घी, शहद और मिट्टी के मिश्रण में गणपति विसर्जित किए गए।
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अनंत चतुर्दशी पर अनुराग नगर, बल्केश्वर घाट, दशहरा घाट, हाथी घाट पर मुख्य रूप से भक्त गणपति के विसर्जन के लिए पहुंचे। सुबह से टोलियों के आने का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। इन टोलियों में महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल थे। गणपति का तेज से तेज जयकारा लगाने की होड़ मची थी। एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी के अनुसार देर शाम तक 2100 प्रतिमाओं का विभिन्न घाटों पर बनाए गए कुंडों में विसर्जन किया गया। शाम को शहर के मंदिरों में भंडारे और भजन संध्या का आयोजन किया गया।
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गमलों में किया विसर्जन
अनंत चतुर्दशी पर पर्यावरण सुरक्षा को लेकर प्रथम पूज्य के भक्त जागरूक दिखे। रविवार को यमुना के घाटों पर विसर्जन के अलावा तमाम घरों में नए गमले में घर के मंदिर में विराजमान गणपति भगवान का विसर्जन किया गया। दूध, गंगाजल, घी, शहद और मिट्टी के मिश्रण में गणपति विसर्जित किए गए।
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