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गंगाजल प्रोजेक्ट का प्लांट शुरू होने से पहले ही कई जगह लीकेज, ऐसे छिपाए जा रहे 'दाग'
Tue, 24 Dec 2019 12:25 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 24 Dec 2019 12:25 AM IST
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प्लांट पर सीमेंट लगाकर पेंट करता मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में 2887 करोड़ रुपये की लागत वाले गंगाजल प्रोजेक्ट के तहत जीवनी मंडी पर अपग्रेड किए जा रहे 225 एमएलडी क्षमता के प्लांट में लीकेज सामने आया है। कंक्रीट से बनाए गए इसके रॉ वाटर टैंक में जब पानी भरा गया तो कई जगह से रिसाव शुरू हो गया। अब इन्हें सीमेंट लगाकर और जल्दबाजी में रंगाई-पुताई करके छिपाया जा रहा है।
जीवनी मंडी वाटरवर्क्स पर 102 करोड़ रुपये के काम किए जा रहे हैं। 225 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण वोल्टास कंपनी के पास है। रॉ वाटर के साथ सेटलमेंट टैंक में डिजाइन की खामियों के कारण लीकेज हो गया।
यमुना जल से ही इन टैंकों की टेस्टिंग की गई थी। टैंकों के लीक होने से पानी नीचे तक आया तो उन्हें खाली करने के बाद अब सीमेंट भरकर लीकेज दूर करने की कवायद तेजी से जारी है।
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गंगाजल प्रोजेक्ट के परियोजना प्रबंधक आरके पंकज ने बताया कि कंक्रीट से बनाए गए टैंक में सीपेज है जो दूर किए जा रहे हैं। कंक्रीट में यह समस्या आती है, जिसे दूर किया जा रहा है। टैंक में ट्रीटमेंट करके इन्हें रोका जा रहा है। दोबारा पानी भरने पर चेकिं ग में पता चल जाएगा कि सीपेज रुके या नहीं।
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जीवनी मंडी वाटरवर्क्स पर 102 करोड़ रुपये के काम किए जा रहे हैं। 225 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण वोल्टास कंपनी के पास है। रॉ वाटर के साथ सेटलमेंट टैंक में डिजाइन की खामियों के कारण लीकेज हो गया।
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यमुना जल से ही इन टैंकों की टेस्टिंग की गई थी। टैंकों के लीक होने से पानी नीचे तक आया तो उन्हें खाली करने के बाद अब सीमेंट भरकर लीकेज दूर करने की कवायद तेजी से जारी है।
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गंगाजल प्रोजेक्ट के परियोजना प्रबंधक आरके पंकज ने बताया कि कंक्रीट से बनाए गए टैंक में सीपेज है जो दूर किए जा रहे हैं। कंक्रीट में यह समस्या आती है, जिसे दूर किया जा रहा है। टैंक में ट्रीटमेंट करके इन्हें रोका जा रहा है। दोबारा पानी भरने पर चेकिं ग में पता चल जाएगा कि सीपेज रुके या नहीं।
जल निगम ने कंपनी पर लगाया दो करोड़ का जुर्माना
जल निगम की गंगाजल इकाई ने जीवनी मंडी वाटरवर्क्स पर काम में ढिलाई बरतने और लगातार देरी के कारण दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यहां वोल्टास कंपनी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का अपग्रेडेशन का काम कर रही है। जुलाई 2018 में काम पूरा हो जाना था, लेकिन मार्च 2020 तक भी कंपनी यहां काम पूरा नहीं कर पाएगी।
जीवनी मंडी में अभी रॉ वाटर से जुडे़ टैंकों के साथ लैब, हडसन टैंक का काम किया जाना है। लगातार लेट होने के कारण और कई डिजाइन में खामियों के कारण जल निगम ने दो करोड़ रुपये का जुर्माना कंपनी पर लगाया है।
जीवनी मंडी में अभी रॉ वाटर से जुडे़ टैंकों के साथ लैब, हडसन टैंक का काम किया जाना है। लगातार लेट होने के कारण और कई डिजाइन में खामियों के कारण जल निगम ने दो करोड़ रुपये का जुर्माना कंपनी पर लगाया है।