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गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर कांवड़ियों के लिए हो सकता है खतरनाक
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कासगंज कछला गंगाघाट पर बढ़े हुए गंगा जलस्तर में स्नान करते श्रद्घालु
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटों से लगातार इजाफा हो रहा है। बैराजों से पानी आगे छोड़ा जा रहा है। जिससे गंगा में पानी का प्रवाह भी तेज है। गंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि मंगलवार को हो चुकी है। जबकि बुधवार को और वृद्धि होने के आसार हैं। ऐसी स्थिति में कांवड़ियों के लिए गंगास्नान के दौरान बढ़ा हुआ जलस्तर मुसीबत बन सकता है। थोड़ी सी लापरवाही जान लेवा साबित हो सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने भी चौकसी बढ़ा दी है।
श्रावण मास में भगवान शिव की भक्ति और आराधना का विशेष महत्व है। इस महत्व के चलते बड़ी संख्या में दूरस्थ इलाके के कांवड़िये गंगास्नान कर कांवड़ भरने के लिए पहुंच रहे हैं। लहरा और कछला घाटों पर कांवड़ियों की अधिक भीड़ है। लहरा गंगाघाट से मध्यप्रदेश, राजस्थान के अलावा आगर, फिरोजाबाद, हाथरस और गृह जनपद के कांवड़िये कांवड़ भरते हैं जबकि कछला गंगाघाट से बदायूं, बरेली, पीलीभीत सहित तमाम अन्य इलाकों के कांवड़िये कांवड़ भरकर ले जाते हैं। दिन के अलावा रात में भी श्रद्धालु गंगा स्नान कर कांवड़ भरते हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण कांवड़ियों को गंगास्नान में दिक्कतें हो रही हैं। यदि थोड़ी भी लापरवाही हुई तो जान पर बन आएगी। प्रशासन ने लहरा और कछला गंगाघाटों पर पीएसी की फ्लड यूनिट भी तैयार की हैं। गंगा नदी में बल्लियां लगाकर कांवड़ियों को आगे न बढ़ने की सलाह दी जा रही है, लेकिन फिर भी उत्साह में कांवड़िये आगे बढ़ जाते हैं।
गंगा के जलस्तर पर एक नजर-
- 34009 क्यूसेक पानी का हरिद्वार से डिस्चार्ज।
- 37665 क्यूसेक पानी का बिजनौर से डिस्चार्ज।
- 12860 क्यूसेक पानी का नरौरा से डिस्चार्ज
- 162 सेंटीमीटर कछला पर जलस्तर।
- गंगाघाटों पर कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पूरी सतर्कता रखी जा रही है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पीएसी की फ्लड यूनिट तैनात की है। जो गंगा स्नान के दौरान कांवड़ियों की निगरानी कर रही है। जिससे कोई हादसा न हो सके। सुशील घुले, पुलिस अधीक्षक।
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श्रावण मास में भगवान शिव की भक्ति और आराधना का विशेष महत्व है। इस महत्व के चलते बड़ी संख्या में दूरस्थ इलाके के कांवड़िये गंगास्नान कर कांवड़ भरने के लिए पहुंच रहे हैं। लहरा और कछला घाटों पर कांवड़ियों की अधिक भीड़ है। लहरा गंगाघाट से मध्यप्रदेश, राजस्थान के अलावा आगर, फिरोजाबाद, हाथरस और गृह जनपद के कांवड़िये कांवड़ भरते हैं जबकि कछला गंगाघाट से बदायूं, बरेली, पीलीभीत सहित तमाम अन्य इलाकों के कांवड़िये कांवड़ भरकर ले जाते हैं। दिन के अलावा रात में भी श्रद्धालु गंगा स्नान कर कांवड़ भरते हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण कांवड़ियों को गंगास्नान में दिक्कतें हो रही हैं। यदि थोड़ी भी लापरवाही हुई तो जान पर बन आएगी। प्रशासन ने लहरा और कछला गंगाघाटों पर पीएसी की फ्लड यूनिट भी तैयार की हैं। गंगा नदी में बल्लियां लगाकर कांवड़ियों को आगे न बढ़ने की सलाह दी जा रही है, लेकिन फिर भी उत्साह में कांवड़िये आगे बढ़ जाते हैं।
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गंगा के जलस्तर पर एक नजर-
- 34009 क्यूसेक पानी का हरिद्वार से डिस्चार्ज।
- 37665 क्यूसेक पानी का बिजनौर से डिस्चार्ज।
- 12860 क्यूसेक पानी का नरौरा से डिस्चार्ज
- 162 सेंटीमीटर कछला पर जलस्तर।
- गंगाघाटों पर कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पूरी सतर्कता रखी जा रही है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पीएसी की फ्लड यूनिट तैनात की है। जो गंगा स्नान के दौरान कांवड़ियों की निगरानी कर रही है। जिससे कोई हादसा न हो सके। सुशील घुले, पुलिस अधीक्षक।
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