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Ganga Dussehra 2022: इस बार गंगा दशहरा पर बन रहा वही संयोग, जो देवनदी के अवतरण पर था, जानें पूजन विधि

Wed, 08 Jun 2022 06:10 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 08 Jun 2022 06:10 PM IST
सार

ज्योतिषाचार्य के मुताबिक ज्येष्ठ शुक्ल दशमी संवत्सर का मुख कही जाती है। इस दिन गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व है। 

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Ganga Dussehra 2022 Pooja vidhi Devotees will take bath in the Ganga in Kasganj
गंगा स्नान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण दिवस का पर्व गंगा दशहरा बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। कासगंज के सोरोंजी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरि की पौड़ी व लहरा घाट पर पहुंचकर ब्रह्ममुहूर्त में गंगा स्नान कर पुण्य अर्जित करेंगे। मान्यता है कि दशहरा पर गंगा स्नान से दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। इस बार वही संयोग बन रहा है, जो गंगा अवतरण पर बना था।  

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आचार्य राहुल वशिष्ठ ने बताया कि गंगाजी देवनदी हैं। वह मानव कल्याण के लिए धरती पर आईं। इस बार फिर से वही संयोग बन रहा है जो गंगा अवतरण के दिवस पर बना था। गंगा अवतरण ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष की दशमी तिथि, बुधवार और हस्तनक्षत्र में हुआ था। वही संयोग फिर से बृहस्पतिवार को ज्येष्ठ शुक्ल दशमी (पूर्वाह्ण व्यापिनी) को हस्त नक्षत्र और व्यतीपात योग है। 

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10 प्रकार के पापों से मिलती है मुक्ति 

उन्होंने बताया कि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी संवत्सर का मुख कही जाती है। इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस तिथि को गंगास्नान और गंगाजी के पूजन से दस प्रकार के पापों (तीन कायिक, चार वाचिक तथा तीन मानसिक) का नाश होता है। इसलिये इसे दशहरा कहा गया है। 

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मां गंगा की पूजन विधि

आचार्य पंडित राहुल वशिष्ठ ने बताया कि पूर्वाह्न काल में गंगाजी में स्नानकर अभय मुद्रा युक्त श्वेतमकरवाहिनी गंगाजी का ध्यान करें और नाममत्र ‘गंगायै नम:’ से अथवा निम्न मंत्र से आवाहनादि षोडशोपचार पूजन करें। ‘ॐ नम: शिवायै नारायण्यै दशहरायै गंगायै नम:।’ मंत्र में ‘नम:’ के स्थान पर ‘स्वाहा’ शब्द का प्रयोग करके हवन भी करना चाहिए। उसके बाद दान करना चाहिए। भगवती गंगाजी सर्व पाप हारिणी है।

गंगा दशहरा पर होंगे धार्मिक कार्यक्रम

सोरोंजी की मां गंगा आरती सेवा समिति द्वारा गंगा दशहरा पर धार्मिक कार्यक्रम होंगे। सुबह 8 बजे मां गंगा का पूजन, 9 बजे मां गंगा का दुग्धाभिषेक, 10 बजे गंगा लहरी पाठ, 11 बजे गंगा सहस्त्रार्चन का कार्यक्रम और विशाल आरती शाम 7 बजे होगी। वहीं गंगा समग्र द्वारा शाम 6.30 बजे मानस मंदिर वाले घाट पर गंगाजी की महा आरती का आयोजन होगा। जिलाधिकारी महाआरती के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। यह जानकारी गंगा समग्र के जिला संयोजक हेमेंद्र शास्त्री ने दी। 

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