{"_id":"5cfe9651bdec22075a3bf439","slug":"ganga-dussehra-2019-vrat-tyohar-devotee-take-bath-in-yamuna-river","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दशहराः 'मैली' यमुना में लगेगी आस्था की डुबी, अस्तित्व खो चुके घाट और किनारों पर लगे कूड़े के ढेर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दशहराः 'मैली' यमुना में लगेगी आस्था की डुबी, अस्तित्व खो चुके घाट और किनारों पर लगे कूड़े के ढेर
Mon, 10 Jun 2019 11:11 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 10 Jun 2019 11:11 PM IST
विज्ञापन
गंगा दशहरा पर मैली यमुना में स्नान करेंगे लोग
- फोटो : अमर उजाला
गंगा दशहरा का पर्व बुधवार को मनाया जाएगा। जिले में गंगा नहीं हैं लेकिन हजारों लोग यमुना में स्नान करने जाते हैं। यमुना नदी इस समय काफी मैली है। घाट अस्तित्व खो चुके हैं। यमुना किनारे गंदगी का अंबार है। मैली यमुना में लोग स्नान के लिए मजबूर होंगे।
पसीने वाले हनुमान बाबा घाट पर जहां गंदगी के कारण लोग यमुना के जल से आचमन करने से बच रहे है, वहीं अन्य स्थानों पर घाट का नाम तो दिया गया है। लेकिन घाटों का अस्तित्व दिखाई नहीं देता। मुख्य रुप से तीन घाट हैं। इनमें एक ही घाट बचा है। इस घाट पर भी गंदगी का अंबार है।
मंदिर के सेवादार रनवीर सिंह का कहना है कि बीस साल से बाबा की सेवा करने के साथ ही घाट की सफाई खुद करते है। आस्था होने के कारण प्रतिदिन यमुना में स्नान करने के बाद ही दूसरा काम किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पसीने वाले हनुमान बाबा घाट पर जहां गंदगी के कारण लोग यमुना के जल से आचमन करने से बच रहे है, वहीं अन्य स्थानों पर घाट का नाम तो दिया गया है। लेकिन घाटों का अस्तित्व दिखाई नहीं देता। मुख्य रुप से तीन घाट हैं। इनमें एक ही घाट बचा है। इस घाट पर भी गंदगी का अंबार है।
विज्ञापन
मंदिर के सेवादार रनवीर सिंह का कहना है कि बीस साल से बाबा की सेवा करने के साथ ही घाट की सफाई खुद करते है। आस्था होने के कारण प्रतिदिन यमुना में स्नान करने के बाद ही दूसरा काम किया जाता है।
विज्ञापन
Trending Videos
रसूलपुर निवासी रामकुमार का कहना है कि धोबी घाट के लिए भूमि अधिग्रहित है, लेकिन निर्माण नहीं कराया गया है। कपड़े धोने में दिक्कत आती है। घाट के निर्माण को अधिकारियों से कहा है पर कोई सुनवाई नहीं होती।