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गंगा दशहराः दुखों का होता है नाश, स्नान-दान का विशेष महत्व
Tue, 11 Jun 2019 04:43 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 11 Jun 2019 04:43 PM IST
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गंगा दशहरा 2019
- फोटो : Rohit Jha
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गंगा दशहरा पर्व बुधवार को है। गंगाघाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। भीड़ के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं। जाम से निपटने के लिए पुलिस ने रूट डायवर्जन की व्यवस्था की है। पर्व की पूर्व संध्या पर ही घाटों पर तमाम श्रद्धालु पहुंचे।
पंड़ित राहुल वशिष्ठ के अनुसार गंगाजी देवनदी है। वे मनुष्य मात्र के कल्याण के लिए धरती पर आईं। धरती पर इनका अवतरण ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष की दसवीं तिथि, बुधवार व हस्त नक्षत्र में हुआ ज्येष्ठ शुक्ल दशमी संवत्सर का मुख कही जाती है।
इस दिन स्नान व दान का विशेष महत्व है। इस तिथि को गंगा स्नान एवं गंगा पूजन से दस प्रकार के पापों तीन कायिक, चार वाचिक तथा तीन मानसिक का नाश होता है। इसलिए इसे दशहरा कहा गया है। इस वर्ष भी वही संयोग बन रहा है जो गंगाअवतरण के समय था। ज्येष्ठ शुक्ल दशमीं को बुधवार व हस्त नक्षत्र अपरान्ह 11.27 बजे तक है।
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पंड़ित राहुल वशिष्ठ के अनुसार गंगाजी देवनदी है। वे मनुष्य मात्र के कल्याण के लिए धरती पर आईं। धरती पर इनका अवतरण ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष की दसवीं तिथि, बुधवार व हस्त नक्षत्र में हुआ ज्येष्ठ शुक्ल दशमी संवत्सर का मुख कही जाती है।
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इस दिन स्नान व दान का विशेष महत्व है। इस तिथि को गंगा स्नान एवं गंगा पूजन से दस प्रकार के पापों तीन कायिक, चार वाचिक तथा तीन मानसिक का नाश होता है। इसलिए इसे दशहरा कहा गया है। इस वर्ष भी वही संयोग बन रहा है जो गंगाअवतरण के समय था। ज्येष्ठ शुक्ल दशमीं को बुधवार व हस्त नक्षत्र अपरान्ह 11.27 बजे तक है।
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स्नान पर्व की पूर्व संध्या पर राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली, गुजरात आदि प्रांतों के श्रद्धालु विभिन्न साधनों से घाटों पर पहुंचे हैं। तीर्थनगरी सोरों में श्रद्धालुओं ने डेरा जमा लिया।
हरि की पैड़ी कुंड में स्नान कर श्रद्घालुओं ने गर्मी से राहत महसूस की। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा अर्चना कर तीर्थपुरोहितों से धार्मिक अनुष्ठान कराए।
पुलिस प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को जाम की परेशानी से निजात दिलाने के लिए प्रबंध किए गए। मेला मैदान, लहरा घाट, कछला घाट, ब्लाक के पास पार्किंग स्थल बनाए गए।
कासगंज गेट, कछला गेट, सहावर गेट, हरि की पैड़ी, नवदुर्गा मंदिर, ग्राम देवी मंदिर, लहरा मार्ग आदि स्थानों पर पुलिस फोर्स के अलावा एक प्लाटून पीएसी की तैनाती की गई है।
हरि की पैड़ी कुंड में स्नान कर श्रद्घालुओं ने गर्मी से राहत महसूस की। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा अर्चना कर तीर्थपुरोहितों से धार्मिक अनुष्ठान कराए।
पुलिस प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को जाम की परेशानी से निजात दिलाने के लिए प्रबंध किए गए। मेला मैदान, लहरा घाट, कछला घाट, ब्लाक के पास पार्किंग स्थल बनाए गए।
कासगंज गेट, कछला गेट, सहावर गेट, हरि की पैड़ी, नवदुर्गा मंदिर, ग्राम देवी मंदिर, लहरा मार्ग आदि स्थानों पर पुलिस फोर्स के अलावा एक प्लाटून पीएसी की तैनाती की गई है।
पूर्व की घटनाओं को देखते हुए लहरा व हरि की पैड़ी के घाटों पर गोताखोरों की तैनाती की गई है। बदायूं प्रशासन ने कछला गंगाघाट पर कड़े इंतजाम किए हैं। बदायूं की ओर से आने वाले वाहनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं।
सोरों में लहरा और कछला गंगाघाट पर श्रद्धालुओं को स्नान के दौरान सावधानी बरतनी होगी। गंगा नदी में पूर्व की अपेक्षा जलस्तर काफी बढ़ गया है। अधिक गहराई में घुसने पर श्रद्धालुओं को खतरा हो सकता है। हालांकि गंगाघाट पर तैनात पुलिस श्रद्धालुओं को आगाह करती रहेगी।
क्षेत्राधिकारी आईपी सिंह ने बताया कि रूट डायवर्ट की व्यवस्था की गई है। बाईपास से वाहन निकाले जाएंगे। तीन थानाध्यक्ष सोरों में तैनात किए गए हैं। पर्याप्त पुलिसबल तैनात किए गए हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
सोरों में लहरा और कछला गंगाघाट पर श्रद्धालुओं को स्नान के दौरान सावधानी बरतनी होगी। गंगा नदी में पूर्व की अपेक्षा जलस्तर काफी बढ़ गया है। अधिक गहराई में घुसने पर श्रद्धालुओं को खतरा हो सकता है। हालांकि गंगाघाट पर तैनात पुलिस श्रद्धालुओं को आगाह करती रहेगी।
क्षेत्राधिकारी आईपी सिंह ने बताया कि रूट डायवर्ट की व्यवस्था की गई है। बाईपास से वाहन निकाले जाएंगे। तीन थानाध्यक्ष सोरों में तैनात किए गए हैं। पर्याप्त पुलिसबल तैनात किए गए हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।