छोटी-मोटी चोरी नहीं, बड़ा टारगेट: कोरियर कंपनी के कंटेनर उड़ाने में माहिर पांच गिरफ्तार, सिपाही की तलाश जारी
छोटी मोटी लूट या चोरी नहीं, बल्कि आगरा पुलिस ने ऐसे गैंग का खुलासा किया है पूरा का पूरा कंटेनर गायब करने में माहिर है। इस गैंग में यूपी पुलिस का एक सिपाही भी शामिल है। वो पुलिस के हाथ नहीं लग सका है, लेकिन पुलिस ने पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
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दिल्ली एनसीआर से अलग-अलग शहरों में जाने वाले कोरियर कंपनी के कंटेनरों पर गैंग की नजर रहती थी। गैंग माल सहित कंटेनर ले जाता था। इसके बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान में बिक्री करता था। बृहस्पतिवार को एसटीएफ ने गैंग के पांच सदस्य एत्माद्दौला क्षेत्र में गिरफ्तार कर लिए। उनसे 25 लाख के लैपटॉप, मोबाइल के अलावा घटना में प्रयुक्त एक कार, बाइक और एक्टिवा भी मिले हैं। गैंग में कासगंज में तैनात सिपाही रवि राजपूत थी शामिल था। उसे वांछित किया गया है।
विशेष कार्य बल आगरा इकाई के निरीक्षक यतेंद्र शर्मा ने बताया कि गुरुग्राम की ओम लाजिस्टिक फर्म ने अप्रैल में ब्लू डार्ट कोरियर कंपनी से इलेक्ट्रानिक उपकरण लखनऊ के लिए डिलीवरी किए थे। मगर, माल नहीं पहुंचा था। इस मामले में 25 अप्रैल को गुरुग्राम के थाना विलासपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने गाड़ी चालक विक्रम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पूछताछ में आरोपी ने कई नाम बताए थे। इसकी जानकारी एसटीएफ को मिली थी। बृहस्पतिवार रात को एत्माद्दौला क्षेत्र में मछली वाली पुलिस के पास एक्सयूवी 300 कार को रोका गया, जिसमें सवार पांच लोगों को पकड़ लिया। कार से मोबाइल और लैपटॉप बरामद हुए। इस गैंग ने ही कंपनी का माल उड़ाया था। आरोपियों को थाना एत्माद्दौला पुलिस के हवाले किया गया है।
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सरगना खोलता था लेजर सील
एसटीएफ ने बनवारी, राजेश, राधेश्याम, राजेंद्र, जगदीश को गिरफ्तार किया है। रवि राजपूत और आमिर वांछित हैं। पूछताछ में बनवारी और राजेश ने बताया कि वह काफी समय से यह काम करते आ रहे हैं। गैंग का सरगना आमिर है। वह कोरियर कंपनी के चालक के संपर्क में रहता है। कंपनी से माल लोड होकर निकलते ही वो कार से पीछा करते हैं। रास्ते में कंटेनर के रुकने के बाद बैठ जाते हैं। आमिर के पास एक मशीन है, जिससे वो लेजर सील खोल देता है। कंटेनर में जीपीएस होने की वजह से उसे रोकते नहीं हैं। इसके बाद महंगे उपकरण जैसे लैपटॉप, मोबाइल, हार्ड डिस्क आदि निकाल लेते हैं। बाकी माल चालक को देते हैं।
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मध्य प्रदेश और राजस्थान में माल की बिक्री
कंटेनर से माल निकालने क बाद राजस्थान और मध्य प्रदेश में बिक्री के लिए ले जाते है। देहात में दुकानदारों से संपर्क करके आधी कीमत पर बेचते हैं। दुकान बिना बिल के माल खरीदते हैं। इनकी बिक्री फर्जी बिल बनाकर कर देते हैं। गैंग से बरामद कार उनके साथी राजीव राणा की है। वह उससे लेनदेन का विवाद होने पर कार छीनकर लाए थे।
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कासंगज में तैनात है वांछित सिपाही रवि
एसटीएफ के निरीक्षक यतेंद्र शर्मा ने बताया कि रवि राजपूत सिपाही है। वह कासगंज में तैनात है। पकड़ा गया आरोप राजेश उसका साला है, जबकि राजेंद्र पड़ोसी है। वह साले से माल लेता था। इसके बाद अपने परिचितों को बेच देता था। मुकदमे में सिपाही को वांछित किया गया है। उसकी तलाश की जा रही है। पूर्व में सिपाही के खिलाफ शिकायत भी थीं।
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गिरफ्तारी और बरामदगी
मलपुरा के धनौली निवासी बनवारी, राजेंद्र राजपूत, अलीगढ़ के अतरौली निवासी राजेश राजपूत, धौलपुर के मनिया निवासी जगदीश और एटा के कोतवाली देहात निवासी राधेश्याम को गिरफ्तार किया है। वहीं अलीगढ़ के अतरौली निवासी आमिर और धनौली निवासी रवि राजपूत को वांछित किया है। गिरफ्तार आरोपियों से एक्सयूवी 300 कार में 50 लैपटॉप, 19 मोबाइल, एक्टिवा और बाइक बरामद की है।