फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Gajakesari Raj Yoga being formed on Akshaya Tritiya after many years

Agra News: अक्षय तृतीया पर कई साल बाद बन रहा गजकेसरी राज योग

Thu, 09 May 2024 10:47 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Thu, 09 May 2024 10:47 PM IST
विज्ञापन
Gajakesari Raj Yoga being formed on Akshaya Tritiya after many years
मैनपुरी। अक्षय तृतीया का पर्व शुक्रवार को है। अक्षय तृतीया पर इस बार कई साल बाद गजकेसरी राज योग बन रहा है। अक्षय तृतीया को लेकर बृहस्पतिवार को घरों में तैयारियां चलती रहीं वहीं बाजार भी अक्षय तृतीया को लेकर सज गए हैं। सबसे अधिक रौनक सराफा बाजार में देखी जा रही है। आचार्य रामानंदन बताते हैं कि हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया के पर्व का विशेष महत्व होता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार यह तिथि बहुत ही शुभ और महत्वपूर्ण मानी गई है। वैदिक पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया का पर्व हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस तिथि को अबूझ मुहूर्त माना गया है। इस तिथि पर किसी भी शुभ कार्य और मांगलिक कार्य को करने के लिए मुहूर्त का विचार नहीं करना पड़ता है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस शुभ पर्व पर किया जाने वाले दान-पुण्य, पूजा-पाठ, जाप-तप और शुभ कर्म करने पर मिलने वाले फल में कमी नहीं होती है। इस दिन सोने के गहने खरीदने और मां लक्ष्मी की पूजा करने का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष अक्षय तृतीया का पावन त्योहार 10 मई को है। कई साल बाद अक्षय तृतीया पर गजकेसरी राज योग बन रहा है जो बहुत ही शुभ माना गया है।
विज्ञापन



अक्षय तृतीया तिथि और पूजा शुभ मुहूर्त

आचार्य रामानंद बताते हैं कि इस वर्ष अक्षय तृतीया का पर्व शुक्रवार 10 मई को मनाया जाएगा। वैदिक पंचांग के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 10 मई को सुबह 4 बजकर 17 मिनट पर होगी। वहीं इस तृतीया तिथि का समापन 11 मई को सुबह 02 बजकर 50 मिनट पर होगी। उदया तिथि के आधार पर 10 मई को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा। अक्षय तृतीया त्योहार पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 10 मई को सुबह 5 बजकर 48 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन




अक्षय तृतीया का महत्व
अक्षय तृतीया के पर्व को आखा तीज के नाम से भी जाना है। इस दिन को परशुराम जयंती के रूप में भी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया तिथि पर ही त्रेता और सतयुग का आरंभ भी हुआ था, इसलिए इसे कृतयुगादि तृतीया भी कहते हैं। अक्षय तृतीया तिथि की अधिष्ठात्री देवी पार्वती हैं। इस पर्व पर स्नान, दान, जप, यज्ञ, स्वाध्याय और तर्पण आदि जो भी कर्म किए जाते हैं वे सब अक्षय हो जाते हैं। इस दिन नई योजना को शुरू करने, नए व्यवसाय, नौकरी, नए घर में प्रवेश करने और शुभ खरीदारी के लिए बहुत ही शुभ माना गया है।



पूजा विधि
अक्षय तृतीया पर सुबह गंगा स्नान या घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करके श्री विष्णु और मां लक्ष्मी की प्रतिमा पर अक्षत चढ़ाएं। इसके बाद श्वेत कमल के पुष्प या श्वेत गुलाब, धूप-अगरबत्ती और चन्दन इत्यादि से पूजा पाठ करें। नैवेद्य के रूप में जौ, गेंहू, या सत्तू, ककड़ी, चने की दाल आदि अर्पित करें। इस दिन ब्राह्मणों को भोजन करवाएं और उन्हें दान-दक्षिणा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed