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रो पड़ा गांव, जब आठ माह के बेटे ने दी शहीद पिता को मुखाग्नि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला सौंख (मथुरा)
Updated Tue, 14 Aug 2018 09:37 PM IST
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शहीद पुष्पेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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जहां पूरा देश स्वतंत्रता दिवस समारोह को मनाने की तैयारी में जुटा है, वहीं आठ माह का मासूम बेटा शहीद पिता को मुखाग्नि दे रहा था। यहां हर ओर एक ही आवाज गूंज रही थी कि जब तक सूरज चांद रहेगा पुष्पेंद्र तेरा नाम रहेगा।
देश भर में स्वतंत्रता दिवस की 72वीं वर्षगांठ का जश्न मनाने की तैयारियां चल रही हैं, इन्हीं के बीच मथुरा जनपद का एक गांव खुटिया अपने उस जांबाज की शहादत पर गर्व कर रहा था, जो देश की सीमा की रखवाली करते हुए कुर्बान हो गया था।
दो दिन के इंतजार के बाद मंगलवार की शाम जैसे ही कश्मीर में एलओसी पर शहीद हुए पुष्पेंद्र सिंह का शव गांव में पहुंचा, मौजूद जनसमुदाय के मुख से पुष्पेंद्र के अमर रहने के नारे गूंजने लगे।
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देश भर में स्वतंत्रता दिवस की 72वीं वर्षगांठ का जश्न मनाने की तैयारियां चल रही हैं, इन्हीं के बीच मथुरा जनपद का एक गांव खुटिया अपने उस जांबाज की शहादत पर गर्व कर रहा था, जो देश की सीमा की रखवाली करते हुए कुर्बान हो गया था।
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दो दिन के इंतजार के बाद मंगलवार की शाम जैसे ही कश्मीर में एलओसी पर शहीद हुए पुष्पेंद्र सिंह का शव गांव में पहुंचा, मौजूद जनसमुदाय के मुख से पुष्पेंद्र के अमर रहने के नारे गूंजने लगे।
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शाम सात बजे पहुंचा पार्थिव शरीर
शहीद पुष्पेंद्र का पार्थिव शरीर शाम करीब सात बजे सेना के वाहन से गांव पहुंचा। पार्थिव शरीर को सबसे पहले घर ले जाया गया। यहां परिवार की महिलाओं ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद शव सौंख गोवर्धन मार्ग स्थित स्मारक स्थल पर लाया गया।
यहां सभी ने शहीद के अंतिम दर्शन किए। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। डीएम सर्वज्ञ राम मिश्र व एसएसपी बबलू कुमार ने भी शहीद को पुष्पचक्र अर्पित किए।
शहीद की पत्नी सुधा भी स्मारक स्थल पर पहुंची। यहां उन्होंने फिर पति के अंतिम दर्शन किए। शहीद का शव लेकर आए सेना के जवानों ने शस्त्र नीचे कर सलामी दी। शहीद के पार्थिव शरीर को चिता पर रखते ही एक बार फिर वातावरण गगन भेदी नारों से गूंज उठा।
शहीद के आठ माह के पुत्र सिद्धार्थ ने अपने ताऊ बनवारी की गोद में रहते हुए पिता की चिता की परिक्रमा की। इसके बाद अबोध बालक ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इस दृश्य को जिसने भी देखा उसकी आंखें नम हो गईं।
यहां सभी ने शहीद के अंतिम दर्शन किए। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। डीएम सर्वज्ञ राम मिश्र व एसएसपी बबलू कुमार ने भी शहीद को पुष्पचक्र अर्पित किए।
शहीद की पत्नी सुधा भी स्मारक स्थल पर पहुंची। यहां उन्होंने फिर पति के अंतिम दर्शन किए। शहीद का शव लेकर आए सेना के जवानों ने शस्त्र नीचे कर सलामी दी। शहीद के पार्थिव शरीर को चिता पर रखते ही एक बार फिर वातावरण गगन भेदी नारों से गूंज उठा।
शहीद के आठ माह के पुत्र सिद्धार्थ ने अपने ताऊ बनवारी की गोद में रहते हुए पिता की चिता की परिक्रमा की। इसके बाद अबोध बालक ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इस दृश्य को जिसने भी देखा उसकी आंखें नम हो गईं।