फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   From School Bags to Industrial Skills: UP Schools May Introduce Local Industry Studies for Classes 6-12

बस्ते संग हुनर: आगरा में फुटवियर, फिरोजाबाद में कांच उद्योग पढ़ेंगे जेन जी और अल्फा, सीएम को भेजा गया प्रस्ताव

Wed, 02 Sep 2026 09:41 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Wed, 02 Sep 2026 09:41 AM IST
सार

ओडीओपी 2.0 के तहत यूपी के स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक स्थानीय उद्योगों से जुड़ी पढ़ाई शुरू करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा गया है। मॉडल में थ्योरी के साथ फैक्टरी विजिट और इंटर्नशिप के जरिए छात्रों को एआई, एक्सपोर्ट, सप्लाई चेन और उद्यमिता का व्यावहारिक ज्ञान देने का सुझाव है।

विज्ञापन
From School Bags to Industrial Skills: UP Schools May Introduce Local Industry Studies for Classes 6-12
बस्ते संग हुनर - फोटो : AI

विस्तार

उत्तर प्रदेश के स्कूलों में अब जेन जी और जेन अल्फा पीढ़ी किताबी ज्ञान के साथ-साथ औद्योगिक हुनर भी सीखेगी। एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना को दूसरे चरण में एक जनपद, एक पेशा (ओडीओपी 2.0) के रूप में शिक्षा से जोड़ा जा सकता है। फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्कूलों में स्थानीय उद्योग को अनिवार्य विषय बनाने का प्रस्ताव भेजा है।
विज्ञापन


 

परिषद के प्रस्ताव में उद्योगों और सामान्य शिक्षा के बीच के अंतर को खत्म करने के लिए डिस्ट्रिक्ट स्पेसिफिक इंडस्ट्रियल स्टडीज लागू करने की सिफारिश की गई है। इसके तहत कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को लर्निंग बाय डूइंग (करके सीखना) मॉडल से पढ़ाया जाएगा। मसलन, आगरा के स्कूलों में फुटवियर और फिरोजाबाद में कांच उद्योग का पाठ्यक्रम चलेगा। महीने में तीन सप्ताह थ्योरी और एक सप्ताह फैक्टरी विजिट या इंटर्नशिप अनिवार्य होगी। छात्र केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सप्लाई चेन, एक्सपोर्ट और एंटरप्रेन्योरशिप के गुर भी सीखेंगे।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

भावी पीढ़ियों के लिए बनेगा टैलेंट क्लस्टर 
परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर के मुताबिक यह कदम जेन जी और अल्फा के लिए मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करेगा। वहीं, आने वाली जेन बीटा के लिए यूपी एक ग्लोबल टैलेंट क्लस्टर में बदल जाएगा। अगले 10-15 वर्षों में प्रदेश के पास दुनिया की सबसे बड़ी जिलावार कुशल वर्कफोर्स होगी, जो नई शिक्षा नीति, कौशल विकास और आत्मनिर्भर भारत का संगम साबित होगी।

 
विज्ञापन

उद्योगों को मिलेगी प्लग एंड प्ले मैनपावर
जब जेन जी और अल्फा पीढ़ी स्कूल से ही तकनीक, डिजाइन और एक्सपोर्ट की समझ लेकर निकलेगी, तो यह औद्योगिक विकास के लिए गेमचेंजर साबित होगा। - कुलदीप कोहली, अध्यक्ष, फ्रेटरनिटी ऑफ आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स

 

नई पीढ़ी की उद्यमशीलता को मिलेगी दिशा
यह मॉडल युवा पीढ़ी की उद्यमशीलता को नई दिशा देगा। 12वीं तक व्यावहारिक ज्ञान पाकर ये बच्चे नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि भविष्य की जेन बीटा के लिए रोजगार सृजित करने वाले उद्यमी बनेंगे। - राजेश खुराना, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल

 

क्या हैं जेन जी, अल्फा और बीटा
जेन जी: 1997 से 2012 के बीच जन्मे युवा। ये डिजिटल तकनीक और इंटरनेट के साथ बड़े हुए हैं।
जेन अल्फा: 2013 से 2024 के बीच जन्मे बच्चे। ये वर्तमान में स्कूलों में एआई की समझ विकसित कर रहे हैं।
जेन बीटा: 2025 से 2039 के बीच जन्म लेने वाली भावी पीढ़ी, जो सीधे आर्टिफिशियल और जनरल इंटेलिजेंस (एआई और जीआई) युग में ही आंखें खोलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed