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एक्सप्रेसवे के लिए तय रेट से अधिक पर खरीदी थी जमीन
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Sat, 22 Apr 2017 12:29 AM IST
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एक्सप्रेसवे
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की जांच की आंच ताजनगरी के कई अधिकारियों पर भी आ सकती है। यहां भी जमीन अधिग्रहण में ताजनगरी में भी खूब घोटाला हुआ। यहां सदर और फतेहाबाद तहसील के 45 गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। इसमें सात गांवों की जमीन तय रेट से अधिक खरीदने का आरोप है। इससे सरकार को तीन करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे (आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे) के लिए जमीन खरीद की जांच के आदेश दिए गए हैं। जिन दस जिलों में इसके लिए जमीन खरीदी गई, उनमें आगरा भी है। इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत इनररिंग रोड से हुई है। वर्ष 2014 में प्रस्ताव तैयार होने के बाद दो तहसीलों के 45 गांवों की लगभग 345 हेक्टेयर जमीन खरीदी गई थी। पूर्व में एक ऑडिट में इस इसके रेट को लेकर सवाल भी खड़े किए गए थे। बताया गया जा रहा है कि तत्कालीन जिलाधिकारी पंकज कुमार के कार्यकाल में प्रशासन द्वारा तय रेट से अधिक पर जमीन खरीदी गई थी। इसमें गांव स्वारा के गाटा संख्या 308, 476/1, 477/1, 486, 1031, 1032, 1033, 1037, 1052 की जमीन में लगभग 54 लाख, मेवलीकलां की गाटा संख्या 754, 858, 760, 762, 857, 861, 862, 866, 916, 953 में 85.91 लाख रुपये, मुटावली गांव के छह गाटा संख्या की खरीदी गई जमीन में 1.37 करोड़ रुपये, उझावली के तीन गाटा संख्या की जमीन में 3.56 लाख रुपये, बाबरपुर में 53 लाख रुपये, मेवली खुर्द गांव की जमीन में 16.33 लाख रुपये, और भरापुरा 1.58 लाख रुपये के राजस्व की हानि हुई। यह जमीनें तय रेट से अधिक रेट पर खरीदी गईं। शासन डीएम ने इस पर रिपोर्ट मांगी है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे (आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे) के लिए जमीन खरीद की जांच के आदेश दिए गए हैं। जिन दस जिलों में इसके लिए जमीन खरीदी गई, उनमें आगरा भी है। इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत इनररिंग रोड से हुई है। वर्ष 2014 में प्रस्ताव तैयार होने के बाद दो तहसीलों के 45 गांवों की लगभग 345 हेक्टेयर जमीन खरीदी गई थी। पूर्व में एक ऑडिट में इस इसके रेट को लेकर सवाल भी खड़े किए गए थे। बताया गया जा रहा है कि तत्कालीन जिलाधिकारी पंकज कुमार के कार्यकाल में प्रशासन द्वारा तय रेट से अधिक पर जमीन खरीदी गई थी। इसमें गांव स्वारा के गाटा संख्या 308, 476/1, 477/1, 486, 1031, 1032, 1033, 1037, 1052 की जमीन में लगभग 54 लाख, मेवलीकलां की गाटा संख्या 754, 858, 760, 762, 857, 861, 862, 866, 916, 953 में 85.91 लाख रुपये, मुटावली गांव के छह गाटा संख्या की खरीदी गई जमीन में 1.37 करोड़ रुपये, उझावली के तीन गाटा संख्या की जमीन में 3.56 लाख रुपये, बाबरपुर में 53 लाख रुपये, मेवली खुर्द गांव की जमीन में 16.33 लाख रुपये, और भरापुरा 1.58 लाख रुपये के राजस्व की हानि हुई। यह जमीनें तय रेट से अधिक रेट पर खरीदी गईं। शासन डीएम ने इस पर रिपोर्ट मांगी है।
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