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Agra News: चाचा की हत्या करने वाले भतीजे को आजीवन कारावास
Fri, 24 May 2024 05:32 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 24 May 2024 05:32 PM IST
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मैनपुरी। थाना कोतवाली क्षेत्र में दो साल पहले जमीन के विवाद में फावड़े से काटकर चाचा की हत्या करने वाले भतीजे को जिला जज सुधीर कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना कोतवाली के नगला पजाबा के रहने वाले रामप्रसाद प्रजापति का अपने बड़े भाई धनीराम के बच्चों से जमीन का विवाद चल रहा है। धनीराम का पुत्र अजय उर्फ डालू रामप्रसाद के खेत से रास्ता निकालना चाह रहा है। इसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद था। 10 अप्रैल 2022 को रामप्रसाद अपनी पत्नी रामवती के साथ खेत पर पानी लगा रहे थे। तभी वहां पहुंचे अजय ने फावड़े से काटकर रामप्रसाद की हत्या कर दी। रामप्रसाद के पुत्र रामकुमार ने अजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस ने अजय को जेल भेज दिया। जांच करके अजय के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई जिला जज सुधीर कुमार की कोर्ट में हुई। गवाही के आधार पर अजय को रामप्रसाद की हत्या करने का दोषी पाकर जिला जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
रामप्रसाद की हत्या के बाद अजय को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। शुक्रवार को निर्णय सुनने के लिए उसको पुलिस की कड़ी सुरक्षा में जेल से अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।
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थाना कोतवाली के नगला पजाबा के रहने वाले रामप्रसाद प्रजापति का अपने बड़े भाई धनीराम के बच्चों से जमीन का विवाद चल रहा है। धनीराम का पुत्र अजय उर्फ डालू रामप्रसाद के खेत से रास्ता निकालना चाह रहा है। इसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद था। 10 अप्रैल 2022 को रामप्रसाद अपनी पत्नी रामवती के साथ खेत पर पानी लगा रहे थे। तभी वहां पहुंचे अजय ने फावड़े से काटकर रामप्रसाद की हत्या कर दी। रामप्रसाद के पुत्र रामकुमार ने अजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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पुलिस ने अजय को जेल भेज दिया। जांच करके अजय के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई जिला जज सुधीर कुमार की कोर्ट में हुई। गवाही के आधार पर अजय को रामप्रसाद की हत्या करने का दोषी पाकर जिला जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
रामप्रसाद की हत्या के बाद अजय को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। शुक्रवार को निर्णय सुनने के लिए उसको पुलिस की कड़ी सुरक्षा में जेल से अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।