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1000 करोड़ की ठगीः गिफ्ट का लालच देकर ठगते थे लोग, चेन सिस्टम से चलता था 'खेल'
Tue, 08 Oct 2019 12:09 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 08 Oct 2019 12:09 AM IST
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पकड़े गए आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद की पेवे आईटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टरों ने लोगों को चेन सिस्टम में जोड़ा था। एक बार कंपनी से जुड़ने वाले व्यक्ति को दो और लोगों को जोड़ने पर चार हजार रुपये और एलईडी गिफ्ट में देने का झांसा भी दिया जाता था।
लालच में आकर एक के बाद एक लोग जुड़ते गए। उधर, पुलिस जेल भेजे गए कंपनी के डायरेक्टर वरुण गुप्ता और सहयोगी अमित सक्सेना ने रकम जमा करने के लिए कई खाते खोले थे। मगर, पुलिस अब तक उनसे बैंक खातों की जानकारी नहीं ले सकी है।
पेवे आईटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर और सहयोगी को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने हजारों लोगों से एक हजार करोड़ की ठगी की।
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लालच में आकर एक के बाद एक लोग जुड़ते गए। उधर, पुलिस जेल भेजे गए कंपनी के डायरेक्टर वरुण गुप्ता और सहयोगी अमित सक्सेना ने रकम जमा करने के लिए कई खाते खोले थे। मगर, पुलिस अब तक उनसे बैंक खातों की जानकारी नहीं ले सकी है।
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पेवे आईटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर और सहयोगी को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने हजारों लोगों से एक हजार करोड़ की ठगी की।
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पुलिस का कहना है कि कंपनी ने इंटरनेट पर विज्ञापन दिया था। जो लोग कॉल करते थे, उन्हें कंपनी के कार्यालय में बुलाया जाता था। उन्हें तीन प्लान बताए जाते थे। 1.15 लाख रुपये के प्लान में लोगों से कहा जाता था कि तीन दिन में दो मेंबर बनाने वाले को गिफ्ट में एक 32 इंच एलईडी और चार हजार रुपये दिए जाएंगे।
इससे लोग दूसरों को भी जोड़ने लगे। इससे एक के बाद एक लोगों की चेन बनती गई। बड़ी संख्या में लोग प्लान भी 1.15 लाख रुपये वाला ही लेते थे। इसके अलावा इससे कम कीमत की आईडी वाले पर भी हर दिन का टारगेट पूरा करने पर बोनस दिया जाता था।
कंपनी के खातों में लोगों की रकम जमा करने के बाद डायरेक्टरों ने कई बैकों के खाते में रकम जमा करके निकाल ली थी। पूर्व में पुलिस ने नाभा, पंजाब की कार्पोरेशन बैंक के पूर्व मैनेजर रोहित और ई मित्र गुरजंट को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पुलिस की पूछताछ में उन्होंने बताया था कि बैंक में खुले किसानों के खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी। जब किसानों ने खाते में रकम आने की बात कही तो उनसे कहा गया कि ब्याज मिलेगी। बाद में उनके खातों से रकम निकाल ली गई थी। इस पर ही पुलिस ने मैनेजर की गिरफ्तारी की थी।
इससे लोग दूसरों को भी जोड़ने लगे। इससे एक के बाद एक लोगों की चेन बनती गई। बड़ी संख्या में लोग प्लान भी 1.15 लाख रुपये वाला ही लेते थे। इसके अलावा इससे कम कीमत की आईडी वाले पर भी हर दिन का टारगेट पूरा करने पर बोनस दिया जाता था।
कंपनी के खातों में लोगों की रकम जमा करने के बाद डायरेक्टरों ने कई बैकों के खाते में रकम जमा करके निकाल ली थी। पूर्व में पुलिस ने नाभा, पंजाब की कार्पोरेशन बैंक के पूर्व मैनेजर रोहित और ई मित्र गुरजंट को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पुलिस की पूछताछ में उन्होंने बताया था कि बैंक में खुले किसानों के खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी। जब किसानों ने खाते में रकम आने की बात कही तो उनसे कहा गया कि ब्याज मिलेगी। बाद में उनके खातों से रकम निकाल ली गई थी। इस पर ही पुलिस ने मैनेजर की गिरफ्तारी की थी।