Mathura: डेबिट कार्ड बदलकर ठगी करने वाले चार शातिर बदमाश गिरफ्तार, इस तरह देते थे वारदात को अंजाम
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मथुरा के तीन थाना क्षेत्रों में चार लोगों से डेबिट कार्ड बदलकर 7.38 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में बलदेव पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सभी को जेल भेज दिया गया है।
एसपी (देहात) त्रिगुण बिनेश ने बताया कि बलदेव, हाईवे पुलिस और साइबर क्राइम सेल ने बुधवार की देर रात अवैरनी चौराहे से विक्रम शर्मा निवासी फरीदाबाद, आशीष निवासी बल्लभगढ़, मोहम्मद सलमान निवासी हाथरस और अतुल कुमार निवासी बल्लभगढ़ को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इनके पास से एक लैपटॉप, 9 माइक्रो एटीएम कार्ड मशीन, 4 स्वाइप मशीन, 3 पीओएस मशीन, चार मोबाइल, तमंचा-कारतूस, फर्जी डेबिट कार्ड, आधार कार्ड, 31 हजार रुपये नकद, बाइक आदि बरामद किए गए हैं।
इनके साथ हुई ठगी
आरोपियों ने बीते 3 अप्रैल को बलदेव में कैनरा बैंक की एटीएम मशीन से मोनिका पत्नी राजकु मार झरौंठा बलदेव का डेबिट कार्ड बदलकर 1 लाख 30 हजार, 2 अक्तूबर को इसी एटीएम से अजीत निवासी ग्राम अरतौनी का कार्ड बदलकर 1.69 लाख रुपये, 24 जुलाई को एचडीएफसी बैंक के महोली स्थित एटीएम से रुपये निकाले। 3 लाख रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग की। 28 अगस्त को लक्ष्मीनगर आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम से कार्ड बदलकर 1.39 लाख रुपये निकाल लिए थे।
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अपराध करने का है यह तरीका
एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया संगठित गिरोह के सदस्य एटीएम मशीन के आसपास खड़े रहते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति रुपये निकालने आता है इनका एक साथी पीछे से प्रवेश करता है। रुपये निकालने वाला व्यक्ति डेबिट कार्ड मशीन में स्वैप करता है तो पीछे खड़ा व्यक्ति उसके पिन कोड को पढ़ लेता है। इसी वक्त दूसरा साथी एटीएम में प्रवेश कर रुपये निकालने वाले व्यक्ति को झांसे में लेकर की-पैड पर कैंसिल अथवा बैक बटन दबा देता है जिससे ट्रांजेक्शन कैंसिल हो जाता है। दोनों साथी कार्ड खराब है और उसे शर्ट से रगड़कर साफ करने के दौरान बदल देता है। यह पूरी कार्रवाई कुछ सेकेंड में पूरी हो जाती है। पलक झपकते ही साथियों के साथ चार पहिया अथवा बाइक से भाग जाते हैं। पीओएस मशीन में कार्ड स्वैप कर ट्रांजेक्शन कर लेते हैं और ट्रांजेक्शन किया हुआ रुपया स्वैप मशीन से लिंक एकाउंट में आता है। उस लिंक एकाउंट से रुपये साथियों के खातों में ट्रांसफर कर देते हैं।