{"_id":"6ab7709882e7f337af063a0d","slug":"four-months-on-buses-yet-to-start-on-nine-routes-under-cm-rural-transport-scheme-2026-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"ये दावे हवा-हवाई: चार महीने बाद भी बसें गायब, नौ रूट पर मई से चलनी थीं, इन गांव के लोग कर रहे इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ये दावे हवा-हवाई: चार महीने बाद भी बसें गायब, नौ रूट पर मई से चलनी थीं, इन गांव के लोग कर रहे इंतजार
Sat, 26 Sep 2026 12:43 PM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 26 Sep 2026 12:43 PM IST
सार
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत आगरा के नौ चयनित रूट पर मई से बसें चलाने का दावा किया गया था, लेकिन चार महीने बाद भी संचालन शुरू नहीं हो सका। बसें उपलब्ध नहीं होने से ग्रामीण अब भी स्कूल, अस्पताल, बाजार और शहर तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों पर निर्भर हैं।
विज्ञापन
रोडवेज बस। संवाद
- फोटो : Samvad
विस्तार
गांवों से शहर तक सस्ता और सुगम सफर उपलब्ध कराने की मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना चार महीने बाद भी जिले के नौ चयनित मार्गों पर धरातल पर नहीं उतर सकी है। मई से इन रूटों पर बस संचालन का दावा किया गया था। अब सितंबर बीतने को है लेकिन बसें नहीं चल सकीं।
ऐसे में गांवों के लोगों को अब भी स्कूल, अस्पताल, बाजार और शहर तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों या सीमित सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहना पड़ रहा है। योजना के तहत रजौरा-स्याहीपुरा-फतेहाबाद-आगरा, गोहरा-खेराराठौर-पिनाहट-आगरा, मलियाखेड़ा-चित्राहाट-बाह-आगरा, फतेहपुर सीकरी-कागारौल-अकोला-आगरा, मेवली-खेरागढ़-सैंया-आगरा, खेरिया-सैंया-ककुआ-आगरा, गढ़ी दर्याव-शमसाबाद-आगरा समेत नौ मार्गों का चयन किया गया था। हर विकासखंड में दो बसों के संचालन की योजना थी। योजना के अनुसार बसें अधिकतम आठ वर्ष पुरानी हो सकती हैं और डीजल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक हो सकती हैं।
क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि योजना के तहत चयनित नौ मार्गों पर बसों का संचालन प्रस्तावित था लेकिन बसें ही खरीदी नहीं जा सकीं। हालांकि बाह और फतेहाबाद रोड पर योजना के तहत बसों का संचालन हो रहा है। बाकी मार्गों पर भी बस उपलब्ध होने के बाद संचालन शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऐसे में गांवों के लोगों को अब भी स्कूल, अस्पताल, बाजार और शहर तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों या सीमित सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहना पड़ रहा है। योजना के तहत रजौरा-स्याहीपुरा-फतेहाबाद-आगरा, गोहरा-खेराराठौर-पिनाहट-आगरा, मलियाखेड़ा-चित्राहाट-बाह-आगरा, फतेहपुर सीकरी-कागारौल-अकोला-आगरा, मेवली-खेरागढ़-सैंया-आगरा, खेरिया-सैंया-ककुआ-आगरा, गढ़ी दर्याव-शमसाबाद-आगरा समेत नौ मार्गों का चयन किया गया था। हर विकासखंड में दो बसों के संचालन की योजना थी। योजना के अनुसार बसें अधिकतम आठ वर्ष पुरानी हो सकती हैं और डीजल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक हो सकती हैं।
विज्ञापन
क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि योजना के तहत चयनित नौ मार्गों पर बसों का संचालन प्रस्तावित था लेकिन बसें ही खरीदी नहीं जा सकीं। हालांकि बाह और फतेहाबाद रोड पर योजना के तहत बसों का संचालन हो रहा है। बाकी मार्गों पर भी बस उपलब्ध होने के बाद संचालन शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन