आगरा के लिए राहत की खबर, 'घर' में ही ठीक हो गए साढ़े चार हजार कोरोना संक्रमित
- आगरा में अभी 374 मरीजों का होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है।
- चिकित्सक बोले- पारिवारिक माहौल में मरीज को मिलता है मानसिक बल
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कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच आगरा के लिए राहत की खबर है। होम आइसोलेशन संक्रमित मरीजों के लिए बेहद कारगर साबित हो रहा है। चार महीने में 4548 मरीज बिना अस्पताल जाए पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। मरीजों ने बताया कि पारिवारिक माहौल और टेलीमेडिसिन के जरिए डॉक्टरी परामर्श प्रभावी साबित हुआ।
बिना लक्षण वाले और बुखार-खांसी वाले संक्रमित मरीजों के लिए 21 अगस्त से होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू हुई। अब तक 4922 होम आइसोलेशन में रहे। इनमें से 4548 मरीज ठीक हो चुके हैं और 374 मरीज अभी होम आइसोलेशन में ही हैं।
रोज कई बार चिकित्सक करते हैं फोन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि होम आइसोलेशन वाले मरीजों से दिन में तीन से पांच बार चिकित्सक फोन कर जानकारी लेते हैं, उनकी काउंसिलिंग भी की जाती है। किसी भी दिक्कत पर कभी भी फोन करने के लिए कहा जाता है। यह देखने में आया है कि इनकी मानसिक सेहत भी ठीक रही।
ठीक हो चुके मरीज बोले, डॉक्टर लेते रहते थे सेहत का हाल
ताजनगरी में रहने वाली डिंपल ने बताया कि होम आइसोलेशन में परिवार के बीच रहने से लाभ मिला। रोजाना दो या तीन बार सीएमओ कार्यालय से डॉक्टर फोन कर सेहत और इलाज की जानकारी लेते थे।
शमसाबाद रोड निवासी अतुल पांडे ने बताया कि घर में अस्पताल के मुकाबले ज्यादा राहत मिली। परिजनों के बीच में मानसिक बल मिला। मारुति एस्टेट की रहने वाली प्रमिला ने बताया कि घर पर भी पूरी चिकित्सकीय सलाह मिलती रही।
जिले में रविवार तक कुल 8611 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। इनमें 7,914 मरीज ठीक हो गए। अब तक 3.23 लाख लोगों के सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं। वहीं 536 मरीजों का उपचार चल रहा है।
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