{"_id":"692e67f106c0266a68026c6b","slug":"four-accused-acquitted-due-to-lack-of-evidence-in-agra-murder-case-2025-12-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra: पुलिस को नहीं मिले सबूत...हत्या के चार आरोपी हुए बरी, सिकंदरा क्षेत्र का है मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra: पुलिस को नहीं मिले सबूत...हत्या के चार आरोपी हुए बरी, सिकंदरा क्षेत्र का है मामला
Tue, 02 Dec 2025 09:45 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 02 Dec 2025 09:45 AM IST
सार
सिकंदरा में युवक को घर से ले जाकर हत्या कर साक्ष्य मिटाने का मुकदमा देरी से दर्ज कराने के बाद पुलिस के हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद नहीं कर पाई।
विज्ञापन
court new
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के सिकंदरा में युवक को घर से ले जाकर हत्या कर साक्ष्य मिटाने का मुकदमा देरी से दर्ज कराने के बाद पुलिस के हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद नहीं कर पाई। एडीजे 13 महेश चंद वर्मा ने आरोपी प्रदीप यादव, मोनू खांन, नरेंद्र,एवं राम भरत को साक्ष्य के आभाव में बरी करने के आदेश दिए।
वादी मुकदमा सुनील यादव का आरोप था की 24 जनवरी 2015 की शाम चार बजे प्रदीप यादव, मोनू खान, नरेंद्र और राम भरत उसके भाई हरेंद्र यादव को घर से बुला कर ले गये थे। ,रात भर भाई के वापस नहीं आने पर उन्होंने तलाश की पर कुछ पता नहीं चला। आरोपी भी अपने घर पर नहीं मिले। दूसरे दिन जीआरपी मथुरा ने भाई हरेंद्र यादव के फोन से शव बिल्लोचपुरा रेलवे स्टेशन की रेल लाइन पर पड़ा होने की सूचना दी।
शिनाख्त के बाद शक के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध हत्या कर सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से भाई की लाश को रेलवे लाइन पर डालने का आरोप लगा प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वादी सहित दस गवाह अदालत में पेश किये गए। प्राथमिकी दर्ज कराने मे देरी ,घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद नहीं होने और गवाहों के बयानों में विरोधाभास पर न्यायालय ने फैसला सुनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
वादी मुकदमा सुनील यादव का आरोप था की 24 जनवरी 2015 की शाम चार बजे प्रदीप यादव, मोनू खान, नरेंद्र और राम भरत उसके भाई हरेंद्र यादव को घर से बुला कर ले गये थे। ,रात भर भाई के वापस नहीं आने पर उन्होंने तलाश की पर कुछ पता नहीं चला। आरोपी भी अपने घर पर नहीं मिले। दूसरे दिन जीआरपी मथुरा ने भाई हरेंद्र यादव के फोन से शव बिल्लोचपुरा रेलवे स्टेशन की रेल लाइन पर पड़ा होने की सूचना दी।
विज्ञापन
शिनाख्त के बाद शक के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध हत्या कर सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से भाई की लाश को रेलवे लाइन पर डालने का आरोप लगा प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वादी सहित दस गवाह अदालत में पेश किये गए। प्राथमिकी दर्ज कराने मे देरी ,घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद नहीं होने और गवाहों के बयानों में विरोधाभास पर न्यायालय ने फैसला सुनाया।
विज्ञापन