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Agra university: विवि के पूर्व कर्मी ने बहाली के लिए रिश्वत के लगाए आरोप, आत्महत्या की अनुमति मांगी
Fri, 21 Jun 2024 12:01 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 21 Jun 2024 12:01 AM IST
सार
आगरा विश्वविद्यालय के पूर्व संविदा कर्मचारी ने अधिकारियों पर बहाली के एवज में घूस मांगने का आरोप लगाया है। इस संबंध में राष्ट्रपति और राज्यपाल को पत्र भेजकर आत्महत्या की अनुमति मांगी है।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : संवाद
विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पूर्व संविदा कर्मचारी ने अधिकारियों पर बहाली के एवज में घूस मांगने का आरोप लगाया है। पत्र लिखकर इसकी शिकायत राष्ट्रपति और राज्यपाल से की है। उसने परिवार सहित आत्महत्या की अनुमति भी मांगी है।
विश्वविद्यालय के पूर्व संविदाकर्मी वीरेश कुमार ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा है कि वह 24 सालों से विश्वविद्यालय में काम कर रहे थे। इतिहास विभाग के दो शिक्षकों ने साजिश के तहत मार्कशीट जलाने में फंसा दिया। मुकदमा भी दर्ज करा दिया। बहाल करने के लिए विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के पत्र पर कुलपति ने जांच कमेटी गठित की। इसकी रिपोर्ट कार्य परिषद में रखी गयी। परिषद ने वीरेश की ओर से दर्ज कराए मुकदमे वापस लेने की स्थिति में बहाली पर विचार करने की बात कही। मुकदमे वापस लेने पर भी अभी तक बहाली नहीं हुई है। उससे बहाली के लिए घूस मांगी जा रही है।
कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार का कहना संविदा कर्मचारी पर मुकदमा होने पर संविदा समाप्त हो गयी थी। इसकी बहाली का प्रकरण कार्य परिषद में रखा था, कार्य परिषद ने कर्मचारी की बहाली से मना कर दिया था। कर्मचारी दबाव बनाने के लिए झूठे आरोप लगा रहा है।
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विश्वविद्यालय के पूर्व संविदाकर्मी वीरेश कुमार ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा है कि वह 24 सालों से विश्वविद्यालय में काम कर रहे थे। इतिहास विभाग के दो शिक्षकों ने साजिश के तहत मार्कशीट जलाने में फंसा दिया। मुकदमा भी दर्ज करा दिया। बहाल करने के लिए विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के पत्र पर कुलपति ने जांच कमेटी गठित की। इसकी रिपोर्ट कार्य परिषद में रखी गयी। परिषद ने वीरेश की ओर से दर्ज कराए मुकदमे वापस लेने की स्थिति में बहाली पर विचार करने की बात कही। मुकदमे वापस लेने पर भी अभी तक बहाली नहीं हुई है। उससे बहाली के लिए घूस मांगी जा रही है।
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कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार का कहना संविदा कर्मचारी पर मुकदमा होने पर संविदा समाप्त हो गयी थी। इसकी बहाली का प्रकरण कार्य परिषद में रखा था, कार्य परिषद ने कर्मचारी की बहाली से मना कर दिया था। कर्मचारी दबाव बनाने के लिए झूठे आरोप लगा रहा है।
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