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UP: पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजी लाल सुमन बोले- बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की हत्या, केंद्र सरकार की विफलता
Mon, 16 Dec 2024 10:04 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 16 Dec 2024 10:04 AM IST
सार
पूर्व केंद्रीय मंत्री व सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा कि भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय पटल पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाए। इनकी सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री को सीधा दखल देना चाहिए।
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सपा राष्ट्रीय महासचिव रामजी लाल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में समाजवादी पार्टी सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजी लाल सुमन ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ सांप्रदायिक हिंसा पर तीखी प्रतिक्रया व्यक्त की। इसे केंद्र सरकार की विफलता करार देते हुए कहा कि बांग्लादेश जैसा छोटा देश जो भारत पर निर्भर है वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री को सीधा दखल देना चाहिए।
सपा सांसद ने इस समस्या का हल बताते हुए कहा कि 1950 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित नेहरू और पाकिस्तान के पीएम लियाकत अली के बीच दोनों देशों में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर समझौता हुआ था। उस समय बांग्लादेश पाकिस्तान का हिस्सा था। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों में शांति और आपसी सौहार्द कायम रखना था।
संजय प्लेस में सपा राष्ट्रीय महासचिव रामजी लाल ने प्रेसवार्ता मेें कहा कि बांग्लादेश की 17 करोड़ आबादी में डेढ़ करोड़ हिंदू, 10 लाख बौद्ध, 5 लाख ईसाई अल्पसंख्यक समुदाय है। समाजवादी पार्टी दुनियाभर में अल्पसंख्यक हितों की पक्षधर है। भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान सहित दुनियाभर के 150 से ज्यादा देशों में 1992 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के घोषणापत्र से बंधे हुए हैं। जिसमें जातीय, धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों का संरक्षण शामिल है।
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उन्होंने कहा कि भारत सरकार यदि बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याएं नहीं रोक पा रही तो उसे अंतरराष्ट्रीय पटल पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाना चाहिए। प्रेसवार्ता में सांसद प्रतिनिधि धर्मेंद्र यादव, सलीम शाह, गौरव, डॉ.वीरेंद्र चौहान, गौरव यादव, मदन मोहन गर्ग, फैजानुद्दीन आदि मौजूद रहे।
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सपा सांसद ने इस समस्या का हल बताते हुए कहा कि 1950 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित नेहरू और पाकिस्तान के पीएम लियाकत अली के बीच दोनों देशों में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर समझौता हुआ था। उस समय बांग्लादेश पाकिस्तान का हिस्सा था। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों में शांति और आपसी सौहार्द कायम रखना था।
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संजय प्लेस में सपा राष्ट्रीय महासचिव रामजी लाल ने प्रेसवार्ता मेें कहा कि बांग्लादेश की 17 करोड़ आबादी में डेढ़ करोड़ हिंदू, 10 लाख बौद्ध, 5 लाख ईसाई अल्पसंख्यक समुदाय है। समाजवादी पार्टी दुनियाभर में अल्पसंख्यक हितों की पक्षधर है। भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान सहित दुनियाभर के 150 से ज्यादा देशों में 1992 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के घोषणापत्र से बंधे हुए हैं। जिसमें जातीय, धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों का संरक्षण शामिल है।
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उन्होंने कहा कि भारत सरकार यदि बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याएं नहीं रोक पा रही तो उसे अंतरराष्ट्रीय पटल पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाना चाहिए। प्रेसवार्ता में सांसद प्रतिनिधि धर्मेंद्र यादव, सलीम शाह, गौरव, डॉ.वीरेंद्र चौहान, गौरव यादव, मदन मोहन गर्ग, फैजानुद्दीन आदि मौजूद रहे।