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Agra news: धोखाधड़ी में फंसे कॉलेज के पूर्व प्रबंधक, पत्नी के साथ भेजे गए जेल
Fri, 24 Mar 2023 12:10 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 24 Mar 2023 12:10 AM IST
सार
एंग्लो बंगाली गर्ल्स इंटर कॉलेज के पूर्व प्रबंधक पर नौकरी के नाम पर 37.55 लाख रुपये हड़पने का आरोप है। मामले में सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था।
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विस्तार
आगरा के एंग्लो बंगाली गर्ल्स इंटर कॉलेज में शिक्षिका व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी लगवाने के नाम पर दो महिलाओं और एक युवक से 37.55 लाख रुपए हड़प लिए गए। इस मामले में पुलिस ने प्रबंध समिति के पूर्व प्रबंधक और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया। बृहस्पतिवार को दोनों को कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया गया। मामले में सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था।
नरीपुरा शाहगंज निवासी अनुराधा यादव ने मई 2022 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि शहीद नगर निवासी अनिल चक्रवर्ती ने शिक्षिका की नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। कहा कि काॅलेज में दो शिक्षक व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के स्थान रिक्त हैं। वह प्रबंधक से मुलाकात करके नौकरी लगवा देगा। इसके बाद उसने विद्यालय के तत्कालीन प्रबंधक विश्वजीत घोष, उनकी पत्नी अलका घोष व बेटे अभिजीत व साले रूपेश से मिलवाया।
उन्होंने भी रिक्तियों की बात कहते हुए नौकरी लगवाने का वादा दिया। अनुराधा से 20 लाख रुपये, दीपमाला से 15 लाख रुपये और गौरव से 2.55 लाख रुपये की मांग की गई। तीनों लोगों ने अगस्त 2017 में अपनी-अपनी रकम भी दे दी। विद्यालय प्रबंधन ने शिक्षकों के लिए विज्ञापन निकाला। उन्हें साक्षात्कार के लिए भी बुलाया गया।
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मगर, काफी समय के बाद भी नियुक्ति के लिए कोई जानकारी नहीं दी। दबाव बनाने में तीनों को रुपये लौैटाने के लिए आरोपियों ने चेक भी दिए, जो बाउंस हो गए। इसके बाद अगस्त 2021 में विश्वजीत घोष ने काॅलेज बुलाकर बताया कि वह अब प्रबंधक बन गया है। नौकरी लगवा देगा। इसके बाद भी नौकरी नहीं लगवाई। इस मामले में अनिल चक्रवर्ती, नंदना चक्रवर्ती, विश्वजीत घोष, अलका घोष, अभिजीत रुपेश व देवजीत के विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया था।
थाना रकाबगंज के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि विवेचना के बाद विश्वजीत घोष और उसकी पत्नी अलका घोष को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। उन्हें बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिए गए। आरोपियों में दो की मौत हो चुकी है। विवेचना की जा रही है।
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नरीपुरा शाहगंज निवासी अनुराधा यादव ने मई 2022 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि शहीद नगर निवासी अनिल चक्रवर्ती ने शिक्षिका की नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। कहा कि काॅलेज में दो शिक्षक व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के स्थान रिक्त हैं। वह प्रबंधक से मुलाकात करके नौकरी लगवा देगा। इसके बाद उसने विद्यालय के तत्कालीन प्रबंधक विश्वजीत घोष, उनकी पत्नी अलका घोष व बेटे अभिजीत व साले रूपेश से मिलवाया।
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उन्होंने भी रिक्तियों की बात कहते हुए नौकरी लगवाने का वादा दिया। अनुराधा से 20 लाख रुपये, दीपमाला से 15 लाख रुपये और गौरव से 2.55 लाख रुपये की मांग की गई। तीनों लोगों ने अगस्त 2017 में अपनी-अपनी रकम भी दे दी। विद्यालय प्रबंधन ने शिक्षकों के लिए विज्ञापन निकाला। उन्हें साक्षात्कार के लिए भी बुलाया गया।
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मगर, काफी समय के बाद भी नियुक्ति के लिए कोई जानकारी नहीं दी। दबाव बनाने में तीनों को रुपये लौैटाने के लिए आरोपियों ने चेक भी दिए, जो बाउंस हो गए। इसके बाद अगस्त 2021 में विश्वजीत घोष ने काॅलेज बुलाकर बताया कि वह अब प्रबंधक बन गया है। नौकरी लगवा देगा। इसके बाद भी नौकरी नहीं लगवाई। इस मामले में अनिल चक्रवर्ती, नंदना चक्रवर्ती, विश्वजीत घोष, अलका घोष, अभिजीत रुपेश व देवजीत के विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया था।
थाना रकाबगंज के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि विवेचना के बाद विश्वजीत घोष और उसकी पत्नी अलका घोष को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। उन्हें बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिए गए। आरोपियों में दो की मौत हो चुकी है। विवेचना की जा रही है।