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UP: सर्किल रेट लिस्ट में आठ साल तक चलता रहा खसरा नंबरों का फर्जीवाड़ा, प्रमुख सचिव तक पहुंची शिकायत

Wed, 02 Jul 2025 09:34 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 02 Jul 2025 09:34 AM IST
सार

सर्किल रेट लिस्ट में आठ साल तक खसरा नंबरों का फर्जीवाड़ा चलता रहा। वर्ष 2017 से 2025 तक 500 करोड़ रुपये से अधिक स्टांप चोरी की आशंका है। 
 

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Forgery of Khasra numbers continued for eight years in the circle rate list complaint reached Principal Secret
संजय प्लेस आगरा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा में सर्किल रेट लिस्ट में आठ साल तक खसरा नंबरों का फर्जीवाड़ा चलता रहा। सड़क व लिंक मार्गों की मूल्यांकन सूची में उप निबंधकों ने खसरा नंबर शामिल नहीं किए। जिला निबंधक बार-बार खसरा नंबरों को शामिल कराने के लिए पत्र भेजते रहे। लेकिन नतीजा शून्य रहा। जिस वजह से वर्ष 2017 से 2025 तक सड़क किनारे के बैनामों में करीब 500 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी की आशंका है।
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शाहगंज, कोल्हिाई निवासी मो. शाकिर ने मंगलवार को इस नई सर्किल रेट पर इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराई है। प्रमुख सचिव स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन को भेजी शिकायत में खसरा नंबरों की आड़ में उप निबंधक व सहायक महानिरीक्षक पर निजी स्वार्थ पूर्ति के लिए आरोप लगाए हैं।
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राजस्व क्षति के लिए सहायक महानिरीक्षक निबंधन के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। उप निबंधक प्रथम, द्वितीय और तृतीय पर अपने चेहते बिल्डर एवं भूमाफिया से मिलकर सर्किल रेट लिस्ट में मनमानी के आरोप लगाए हैं। पुरानी रेट लिस्ट 1 अगस्त 2017 को लागू की गई थी।
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14 दिसंबर व 21 दिसंबर 2018 में तत्कालीन एडीएम वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार मालपाणी ने सहायक निरीक्षक को एक सप्ताह में सड़क के सहारे व लिंक मार्गों पर खसरा नंबर शामिल करने और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। बार-बार पत्र के बावजूद आठ साल तक जिले में सड़क किनारे हुए बैनामे बिना खसरा नंबर की सूची से होते रहे।

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20 से अधिक आपत्तियां आईं
नए सर्किल रेट पर मंगलवार तक 20 आपत्तियां आ चुकी हैं। मुड़ेहरा निवासी किसान सोबर सिंह व राधा किशन ने आपत्ति दर्ज कराई है कि उन्हें वर्ष 2010 की रेट से भूमि का मुआवजा मिला है। जब तक वह दूसरी जगह जमीन नहीं खरीद लें। सर्किल रेट नहीं बढ़ाए जाएं। खेड़ा भगौर के किसानों ने आपत्ति दर्ज कराई है कि खेड़ा भगौर, गामरी, जारऊ कटरा गांव अगल-बगल हैं। लेकिन, इनकी सर्किल रेट में अंतर है। सर्किल रेट समान रखे जाएं। फारचून प्रोपटेक प्रा.लि. की आपत्ति है कि केपीएस टाउन, बरौली अहीर में सर्किल रेट न बढ़ाए जाएं।

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सूची में शामिल होंगे खसरा नंबर
सभी उप निबंधकों की सूची में सड़क व लिंक मार्ग पर खसरा नंबर शामिल कराए जाएंगेे। 3 जुलाई तक आपत्तियां ली जाएंगी। फिर सुनवाई और निस्तारण के बाद नई रेट लिस्ट लागू होगी।- शुभांगी शुक्ला, जिला निबंधक व एडीएम वित्त एवं राजस्व
 
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