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Agra News: फुट ओवरब्रिज नहीं हटेंगे, ऊपर से गुजरेगा मेट्रो ट्रैक
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फुट ओवरब्रिज
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आगरा । उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण कार्य को तेज कर दिया है। फुट ओवरब्रिज (एफओबी) को बिना हटाए ही मेट्रो ट्रैक का कार्य होगा। एफओबी के ऊपर से ट्रैक को गुजारा जाएगा।
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि पहले और दूसरे कॉरिडोर में तीन एफओबी हैं। पहले कॉरिडोर में गुरु का ताल और दूसरे में अबुउलाह दरगाह और लंगड़े की चौकी पर है। ट्रैक निर्माण के लिए इनको हटाने की नौबत आ रही थी। अब इनको बिना हटाए ही ट्रैक का निर्माण कार्य किया जा रहा है। मेट्रो ट्रैक की ऊंचाई करीब 18 फीट है। ऐसे में ट्रैक एफओबी के ऊपर से होकर गुजरेगा। इससे कार्य तेज होगा और लोगों को भी दिक्कत नहीं होगी। ट्रैक निर्माण के वक्त एफओबी पर संचालन बंद कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले कॉरिडोर में मार्च से आरबीएस स्टेशन तक मेट्रो चलने लगेगी। इस तरह लोग दो महीने में 10 स्टेशनों तक मेट्रो ट्रेन से सफर कर सकेंगे।
सिकंदरा तक पाइलिंग का कार्य पूरा, 92 गर्डर रखना बाकी
- पहले कॉरिडोर में खंदारी रैंप से सिकंदरा तक सभी 722 पाइल का कार्य पूरा हो गया है। ट्रैक के लिए जमीन के नीचे 20 मीटर कंक्रीट का भूकंपरोधी आधार बनाया जाता है। इस पर ही पिलर स्थापित होता है। इसमें 152 पाइल कैप और इतने ही पिलर हैं। इनके मुकाबले 148 पाइल कैप और 138 पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं। इस दूरी में 272 यू-गर्डर रखे जाने हैं, इसमें से 180 गर्डर रख दिए गए हैं।
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यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि पहले और दूसरे कॉरिडोर में तीन एफओबी हैं। पहले कॉरिडोर में गुरु का ताल और दूसरे में अबुउलाह दरगाह और लंगड़े की चौकी पर है। ट्रैक निर्माण के लिए इनको हटाने की नौबत आ रही थी। अब इनको बिना हटाए ही ट्रैक का निर्माण कार्य किया जा रहा है। मेट्रो ट्रैक की ऊंचाई करीब 18 फीट है। ऐसे में ट्रैक एफओबी के ऊपर से होकर गुजरेगा। इससे कार्य तेज होगा और लोगों को भी दिक्कत नहीं होगी। ट्रैक निर्माण के वक्त एफओबी पर संचालन बंद कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले कॉरिडोर में मार्च से आरबीएस स्टेशन तक मेट्रो चलने लगेगी। इस तरह लोग दो महीने में 10 स्टेशनों तक मेट्रो ट्रेन से सफर कर सकेंगे।
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सिकंदरा तक पाइलिंग का कार्य पूरा, 92 गर्डर रखना बाकी
- पहले कॉरिडोर में खंदारी रैंप से सिकंदरा तक सभी 722 पाइल का कार्य पूरा हो गया है। ट्रैक के लिए जमीन के नीचे 20 मीटर कंक्रीट का भूकंपरोधी आधार बनाया जाता है। इस पर ही पिलर स्थापित होता है। इसमें 152 पाइल कैप और इतने ही पिलर हैं। इनके मुकाबले 148 पाइल कैप और 138 पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं। इस दूरी में 272 यू-गर्डर रखे जाने हैं, इसमें से 180 गर्डर रख दिए गए हैं।
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