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खुशखबरः नए साल में मिलेगी ओवरब्रिज की सौगात, लंबे इंतजार के बाद मिली अनुमति

Mon, 23 Dec 2019 03:47 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 23 Dec 2019 03:47 PM IST
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Foot Over Bridg Work Starts From New Year at Gurudwara guru Tal
गुरुद्वारा गुरु का ताल के नजदीक फुट ओवर ब्रिज का रास्ता आखिरकार साफ हो गया - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय राजमार्ग 2 (एनएच-2) पर गुरुद्वारा गुरु का ताल के नजदीक फुट ओवर ब्रिज का रास्ता आखिरकार साफ हो गया। पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की अनुमति के इंतजार में इस व्यस्ततम तिराहे पर पुल का निर्माण कार्य 14 माह से रुका हुआ था। एएसआई से यहां एफओबी की अनुमति मिलने के बाद अगले माह से इसका कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने व्यस्ततम चौराहों और कटों पर फुट ओवर ब्रिज बनवाए हैं। एनएच-2 पर कीठम मोड़, शास्त्रीपुरम ओवरब्रिज के पास, कैलाश मंदिर, लंगड़े की चौकी, अबुल उलाह दरगाह के पास एफओबी तैयार करवाए हैं। गुरुद्वारा गुरु का ताल पर भी एफओबी प्रस्तावित था, लेकिन पत्थर घोड़ा स्मारक होने के कारण एएसआई ने इजाजत नहीं दी।
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इसके बाद एनएचएआई की ओर से फुट ओवर ब्रिज के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा गया था। अब एएसआई ने स्मारक से कम से कम 200 मीटर से आगे फुट ओवर ब्रिज बनाने की अनुमति दे दी है। हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि अब यहां पैदल पुल बनाने का काम जनवरी में शुरू कर दिया जाएगा। 
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यहां होते हैं आए दिन हादसे
इस व्यस्ततम तिराहे पर पूरे दिन में तकरीबन 60 हजार हल्के और भारी वाहनों का आवागमन होता है। यहां दुर्घटनाओं में इसी साल चार लोगों की मौत हो चुकी है। आठ लोग घायल हुए हैं। आए दिन हादसे होते हैं। ब्लैक स्पॉट के रूप में चर्चित इस तिराहे से बड़ी संख्या में दोपहिया गाड़ियां गुजरती हैं। भारी वाहनों के तेज गति से निकलने के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। 

एफओबी की अनुमति मिली : शफी
गुरुद्वारा गुरु का ताल के पास पत्थर घोड़ा के कारण एफओबी की अनुमति नहीं मिल पा रही थी। यहां अंडरपास इसलिए स्वीकृत नहीं हो सकता है, क्योंकि 600 मीटर की दूरी पर आईएसबीटी के सामने पहले से ही फ्लाईओवर की अनुमति मिल चुकी है।  -मोहम्मद शफी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई (गाजियाबाद खंड)
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