दो विभागों में तालमेल की कमी से पैसे की बर्बादी, जहां बनेगा मेट्रो स्टेशन, वहीं बन रहा पैदल पुल
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आगरा मेट्रो परियोजना में गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने जहां मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित है, नेशनल हाईवे उसी जगह पर फुट ओवर ब्रिज (पैदल पुल) का निर्माण शुरू कर रहा है। आगरा मेट्रो की डीपीआर से यह साफ है कि 12.1 मीटर ऊंचाई के प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन के निर्माण और ट्रैक के लिए हाईवे से फुट ओवर ब्रिज को हटाना होगा। गुरुद्वारा प्रबंधन समेत शहर के कई संगठन इस पुल के निर्माण का विरोध कर रहे हैं।
गुरु का ताल और पत्थर घोड़ा एएसआई संरक्षित स्मारकों में है। यहां मेट्रो डीपीआर के मुताबिक गुरु के ताल से मेट्रो स्टेशन की दूरी 12.5 मीटर तथा पत्थर घोड़ा से 20 मीटर दूर होगी। मेट्रो डीपीआर में सिफारिश की गई है कि भविष्य के चौड़ीकरण और एएसआई नियमों को देखते हुए हाईवे के डिवाइडर पर पिलर खड़े कर मेट्रो ट्रैक और स्टेशन का निर्माण किया जाए।
यहां एलीवेटेड स्टेशन होने के कारण नेशनल हाईवे अथारिटी द्वारा प्रस्तावित पैदल पुल को मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए हटाना होगा। एनएचएआई का फुट ओवर ब्रिज अगर स्टेशन के नीचे से बनाया जाएगा तो यह हाईवे से गुजरने वाले वाहनों के लिए मुश्किल खड़ी करेगा। ऐसे में इस फुट ओवर ब्रिज का विरोध तेज हो गया है।
ए क्लास का होगा गुरु का ताल मेट्रो स्टेशन
इस स्टेशन की पार्किंग ही 2975 वर्ग मीटर क्षेत्र में होगी। सिकंदरा से ताजमहल कारीडोर के दूसरे स्टेशन की सिकंदरा टर्मिनल से दूरी महज 1.26 किमी होगी। आगरा मेट्रो के लिहाज से गुरू का ताल इस रूट के अहम स्टेशनों में एक है।
गुरु के ताल पर हो रही अंडरपास की मांग
गुरुद्वारा गुरु के ताल पर शहर के कई संगठन और गुरुद्वारा प्रबंधन भी पैदल पुल की जगह अंडरपास की मांग कर रहा है। यहां हाईवे 6 लेन होने के साथ दोनों ओर सर्विस लेन है। बेहद खतरनाक मोड़ पर मौजूद गुरु के ताल पर हाईवे पर कई सड़क हादसे हो चुके हैं।
ऐसे में यहां वाहन से भी पार करना खतरनाक है। अंडरपास बनने से इस जगह हादसों से मुक्ति मिल सकेगी, लेकिन नेशनल हाइवे के अधिकारी फुट ओवर ब्रिज पर ही अड़े हैं, जबकि हरीपर्वत पर बनाया गया फुट ओवर ब्रिज लोग इस्तेमाल ही नहीं कर रहे।
हाइवे को भेजी गयी थी मेट्रो की डीपीआर
उनका कहना है कि उनका काम पुल बनाने का है। मेट्रो रेल में किसी स्टेशन या ट्रैक की जानकारी उनसे साझा नहीं की गई है, जबकि मेट्रो के कई पत्र उनके पास उन्हीं के नाम से भेजे गए हैं।
आगरा मेट्रो रेल का कार्य साल के अंत में शुरू होगा। इसके लिए डिटेल सर्वे होना है। सर्वे के अनुसार ही प्रस्तावित मेट्रो रेल स्टेशनों का निर्माण होगा।- डॉ. कुमार केशव, एमडी, एलएमआरसी
'हमारे पैदल पुल के लिए कई विभागों से एनओसी नहीं मिली है। हाइटेंशन तार पहले हटाए जाने हैं जो नहीं हटे हैं। ऐसे में प्रोजेक्ट लेट हो रहा है। मेट्रोरेल के लिए प्रस्तावित डिजाइन पर वार्ता नहीं हुई है।'- मो. शफी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई