{"_id":"5d79f0848ebc3e93b774e670","slug":"flood-situation-in-agra-due-to-water-level-increasing-of-chambal-river","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बीहड़ में बाढ़: फिर खतरे के निशान के करीब पहुंची चंबल नदी, 35 गांवों में मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीहड़ में बाढ़: फिर खतरे के निशान के करीब पहुंची चंबल नदी, 35 गांवों में मचा हड़कंप
Thu, 12 Sep 2019 12:45 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 12 Sep 2019 12:45 PM IST
विज्ञापन
बाढ़ के पानी में तैरते गोवंश
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के बाह क्षेत्र में एक बार फिर चंबल नदी उफान पर बहने लगी है। बुधवरा को नदी का जलस्तर 6 मीटर बढ़कर 128 पर पहुंच गया। लगातार बढ़ रहे पानी के कारण बाह के 6 गांव गुढ़ा, गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा, मऊ की मढै़या और डगोरा का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। वहीं तटवर्तीय 35 गांवों में बाढ़ के खतरे से हड़कंप मचा हुआ है।
कोटा बैराज से छोडे़ गये 3.50 लाख क्यूसेक पानी में किसानों की बची खुची फसल भी डूब गई है। खतरे के निशान से महज 4 मीटर नीचे बह रही चंबल नदी के उफनाने से प्रशासन के भी होश उड़े हुए हैं। कारण दो दिन में ही बाह क्षेत्र में चंबल नदी 10 मीटर बढ़कर 128 मीटर के स्तर पर पहुंच गई है।
35 गांवों के करीब पहुंचा बाढ़ का पानी
चंबल का पानी नदी किनारे के 35 गांवों के आसपास भरना शुरु हो गया है। गांव की झोपड़ियां बह गई। खेतों में खड़ी फसलें डूब गई हैं। भगवानपुरा, हथकांत, नंदगवां, महुआशाला, खेड़ा राठौर, सिमराई, धांधूपुरा, झरनापुरा, पुररा डाल, पुरा शिवलाल, उमरैठापुरा, क्यौरीपुरा, रेहा, बरैंडा आदि गांवों तक पानी पहुंच गया है।
विज्ञापन
ग्रामीण ही नहीं पशु भी गांव में कैद होकर रह गए हैं। ग्रामीण अपने खाने पीने के सामान से लेकर पशुओं के चारे तक के लिए परेशान हैं। वहीं प्रशासनिक स्तर से राहत के नाम पर अब तक रानीपुरा, गोहरा, भटपुरा के लिए स्टीमर सेवा भी शुरू नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
कोटा बैराज से छोडे़ गये 3.50 लाख क्यूसेक पानी में किसानों की बची खुची फसल भी डूब गई है। खतरे के निशान से महज 4 मीटर नीचे बह रही चंबल नदी के उफनाने से प्रशासन के भी होश उड़े हुए हैं। कारण दो दिन में ही बाह क्षेत्र में चंबल नदी 10 मीटर बढ़कर 128 मीटर के स्तर पर पहुंच गई है।
विज्ञापन
35 गांवों के करीब पहुंचा बाढ़ का पानी
चंबल का पानी नदी किनारे के 35 गांवों के आसपास भरना शुरु हो गया है। गांव की झोपड़ियां बह गई। खेतों में खड़ी फसलें डूब गई हैं। भगवानपुरा, हथकांत, नंदगवां, महुआशाला, खेड़ा राठौर, सिमराई, धांधूपुरा, झरनापुरा, पुररा डाल, पुरा शिवलाल, उमरैठापुरा, क्यौरीपुरा, रेहा, बरैंडा आदि गांवों तक पानी पहुंच गया है।
विज्ञापन
ग्रामीण ही नहीं पशु भी गांव में कैद होकर रह गए हैं। ग्रामीण अपने खाने पीने के सामान से लेकर पशुओं के चारे तक के लिए परेशान हैं। वहीं प्रशासनिक स्तर से राहत के नाम पर अब तक रानीपुरा, गोहरा, भटपुरा के लिए स्टीमर सेवा भी शुरू नहीं हो सकी है।
8 बाढ़ चौकियां गठित
प्रशासन ने 8 बाढ चौकियां मनसुखपुरा, पिनाहट, उमरैठा, बासौनी, सिरामई, पुरा भगवान, खेड़ा राठौर और नंदगवां में गठित कर दी है। एसडीएम महेश प्रकाश गुप्ता, तहसीलदार हेमचंद्र शर्मा ने राजस्व विभाग की टीम को संसाधन जुटाने की हिदायत दी है। प्रभावित इलाकों का दौरा कर बताया कि लेखपालों को गांव में रहने और नदी के जल स्तर पर नजर रखने को कहा गया है।
जलमग्न खेतों से निकल रहे सांप-बिच्छू
चंबल के उफान से प्रभावित परिवारों की मुसीबत जलमग्न खेतों से निकलने वाले सांप-बिच्छूओं के घरों तक पहुंचने से और बढ़ गई है। गोहरा गांव के राकेश यादव, गुढ़ा के गुलजारीलाल, धांधूपुरा के गिर्राज, मऊ की मढै़या के पुतई, भगवानपुरा के दिलीप सिंह ने बताया कि बीहड़ और खेतों के आसपास सांपों के बिल हैं। पानी भरने से वे निकलकर गांवों की ओर आ रहे हैं।
घड़ियाल और मगरमच्छों का भी डर
चंबल में पल रहे घड़ियाल और मगरमच्छ उफान के पानी के साथ बह कर खादरों तक पहुंच गए हैं। इनमें मगरमच्छ हमलावर होते है। ऐसे में खादर से निकलकर मगरमच्छों के गांव तक पहुंचने और हमले के डर से लोग भयभीत हैं। बाह के रेंजर आरके सिंह राठौर ने मगरमच्छ या घड़ियाल दिखने पर वन विभाग को सूचना देने का आह्वान सभी ग्रामीणों से किया है।
जलमग्न खेतों से निकल रहे सांप-बिच्छू
चंबल के उफान से प्रभावित परिवारों की मुसीबत जलमग्न खेतों से निकलने वाले सांप-बिच्छूओं के घरों तक पहुंचने से और बढ़ गई है। गोहरा गांव के राकेश यादव, गुढ़ा के गुलजारीलाल, धांधूपुरा के गिर्राज, मऊ की मढै़या के पुतई, भगवानपुरा के दिलीप सिंह ने बताया कि बीहड़ और खेतों के आसपास सांपों के बिल हैं। पानी भरने से वे निकलकर गांवों की ओर आ रहे हैं।
घड़ियाल और मगरमच्छों का भी डर
चंबल में पल रहे घड़ियाल और मगरमच्छ उफान के पानी के साथ बह कर खादरों तक पहुंच गए हैं। इनमें मगरमच्छ हमलावर होते है। ऐसे में खादर से निकलकर मगरमच्छों के गांव तक पहुंचने और हमले के डर से लोग भयभीत हैं। बाह के रेंजर आरके सिंह राठौर ने मगरमच्छ या घड़ियाल दिखने पर वन विभाग को सूचना देने का आह्वान सभी ग्रामीणों से किया है।