Agra: बिना मान्यता चल रहे पैरामेडिकल संस्थान, एसओजी ने संचालक, प्रिंसिपल और शिक्षक सहित पांच गिरफ्तार
आगरा में बिना मान्यता चल रहे पैरामेडिकल संस्थानों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पकड़ा था। अब रविवार को पुलिस व एसओजी टीम ने इनके संचालक, प्रिंसिपल और शिक्षक सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में कालिंदी विहार (ट्रांस यमुना) में बिना मान्यता के इंडियन इंस्टीटयूट, वेलफेयर हॉस्पिटल और न्यू लाइफ पैरामेडिकल संस्थान संचालित करने के मामले में थाना पुलिस और एसओजी ने रविवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें इंस्टीट्यूट संचालक, प्रिंसिपल और शिक्षक शामिल हैं। आरोपियों से 65 अंकतालिका, 41 प्रमाणपत्र सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
थाना ट्रांस यमुना के प्रभारी निरीक्षक आनंद प्रकाश ने बताया कि शुक्रवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने इंडियन स्कूल ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धारा में केस दर्ज कराया था। कॉलेज की स्टेट मेडिकल फैकल्टी से मान्यता नहीं थी।
हरेंद्र के नाम पर ही रेंट एग्रीमेंट था
फर्जी तरीके से छात्रों को प्रलोभन दिया गया। उन्हें गुमराह कर प्रवेश लिया गया। बिना वैधानिक मान्यता के डिग्री और डिप्लोमा दिया गया। पुलिस ने दबिश देकर इंडियन स्कूल के डायरेक्टर हरेंद्र और प्रिंसिपल देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। हरेंद्र के नाम पर ही रेंट एग्रीमेंट था।
वहीं दो और मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें सौ फुटा रोड स्थित वेलफेयर हॉस्पिटल और न्यू लाइफ हॉस्पिटल एंड पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के संचालक को नामजद किया गया। यह भी बिना मान्यता के संचालित हो रहे थे। इनके भी संचालक और प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया गया।
इनकी हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने एत्मादपुर के गांव धरैरा निवासी हरेंद्र सिंह तोमर, खंदौली के गांव नैनसुख निवासी देवेंद्र कुमार गौतम, वेलफेयर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के संचालक ओमप्रकाश राजपूत, प्रिंसिपल वीरभान सिंह, न्यू लाइफ के संचालक जितेंद्र सिंह सेंगर को गिरफ्तार किया है।
ये हुई बरामदगी
आरोपियों से 65 अंकतालिका, 41 प्रमाणपत्र, एक किरायानामा, एक ट्रेनिंग एग्रीमेंट, एक लेन-देन रजिस्टर, एक स्टाफ रजिस्टर, एक छात्र हाजिरी रजिस्टर, फॉर्म, भारतीय नर्सिंग स्कूल की पंपलेट, एक बुकलेट फीस प्राप्ति रसीद, दो कोर्स बुक, सनराइज यूनिवर्सिटी अलवर लिखा पंजीकरण पत्र, हाजिरी रजिस्टर, तीन फीस रजिस्टर, एक बंडल फॉर्म, 18 भरे हुए प्रवेश फॉर्म बरामद किए।
गुमराह कर फंसाते थे छात्र
थाना प्रभारी ने बताया कि विवेचना में पता चला कि पैरामेडिकल कॉलेज में छात्राओं को गुमराह करके प्रवेश दिया जाता था। उन्हें मान्यता दूसरे प्रदेश से बताई जाती थी। फीस कम होने के साथ ही जल्द नौकरी लगने का झांसा दिया जाता है। प्रिंसिपल और कर्मचारी भी मानक पूरा नहीं कर रहे थे। सालों से कालेज चल रहे थे।
यमुनापार में अस्पतालों के बाद मेडिकल संस्थान
यमुना पार इलाके बिना पंजीकरण के चल रहे हॉस्पिटलों पर कई बार कार्रवाई हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण में घर-घर और एक कमरे में अस्पताल चलते मिल चुके हैं। इन अस्पताल में ठेके पर मरीजों को भर्ती किया जाता है। अब पैरामेडिकल संस्थान चलने का मामला सामने आया है। ऐसे में छात्रों के भविष्य भी खिलवाड़ हो रहा है। एक तरफ वो फीस जमा कर प्रवेश ले रहे हैं तो फर्जी अंकतालिका से समय भी खराब हो रहा है।