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UP News: ये पांच आदतें अपनाईं तो नहीं आएगा हार्ट अटैक, 31 साल पहले की एक घटना आगरा के लिए बन गई यादगार
Sun, 29 Sep 2024 05:31 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sun, 29 Sep 2024 05:31 PM IST
सार
31 साल पहले पहली बार आगरा में डॉक्टरों ने ऑपरेशन करके पेशमेकर लगाया था। यह घटना आगरा के लिए यादगार बन गई। आगे पढ़ें और जानें वह कौन सी पांच आदतें है जिन्हें अपनाकर आप हार्ट अटैक के खतरे को कम कर सकते हैं?
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हृदय रोग
- फोटो : Freepik.com
विस्तार
हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य हृदय रोगों और इससे जुड़ी बीमारियों के प्रति लोगों में जागरुकता बढ़ाना है। आगरा न केवल अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के लिए मशहूर है, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में भी लगातार प्रगति कर रहा है। विश्व हृदय दिवस पर आपको हम ऐसी ही एक घटना बताएंगे जो आगरा के इतिहास में यादगार हो गई। यहां पहली बार एक हृदय रोगी को पेसमेकर लगाया गया था। यह पेसमेकर का पहला ऑपरेशन था। यह खबर अमर उजाला संस्करण में 29 अगस्त 1993 को प्रकाशित हुई थी।
आगरा स्थित जीजी मेडिकल कॉलेज में डॉ. अनिल गुप्ता ने हृदय रोगी को पेसमेकर लगाने का पहला ऑपरेशन किया था। नाई की मंडी निवासी 38 वर्षीय महिला की दिल की धड़कन की गति बार-बार कम हो जाती थी। इससे उसे चक्कर आते थे। वह जल्दी-जल्दी बेहोश हो जाती थी। हृदय की गति 30 से 40 प्रति मिनट रह गई थी। विशेषज्ञ टीम ने ऑपरेशन कर आगरा के चिकित्सा क्षेत्र में पेसमेकर लगाने की तकनीक के द्वार खोले।
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आगरा स्थित जीजी मेडिकल कॉलेज में डॉ. अनिल गुप्ता ने हृदय रोगी को पेसमेकर लगाने का पहला ऑपरेशन किया था। नाई की मंडी निवासी 38 वर्षीय महिला की दिल की धड़कन की गति बार-बार कम हो जाती थी। इससे उसे चक्कर आते थे। वह जल्दी-जल्दी बेहोश हो जाती थी। हृदय की गति 30 से 40 प्रति मिनट रह गई थी। विशेषज्ञ टीम ने ऑपरेशन कर आगरा के चिकित्सा क्षेत्र में पेसमेकर लगाने की तकनीक के द्वार खोले।
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आगरा हार्ट एसोसिशन के सचिव डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि प्रदूषण, बाजार के तले भोजन, फास्ट फूड और खराब फिटनेस से युवा हृदय रोगी बन रहे हैं। कुल मरीजों में 18 फीसदी 20 से 30 साल के युवा हैं। शुरुआत में घबराहट, सामान्य स्थिति में पसीना आना, बेचैनी, छाती में दर्द, थकावट और हाथ-पैर ठंडे रहने की शिकायत होती है। कई बार इन लक्षणों को नजरअंदाज करना हृदयाघात की वजह बन जाता है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बसंत गुप्ता ने बताया कि ट्रांस फैट हृदय के लिए बेहद खतरनाक है। खासतौर से होटल-रेस्तरां, हलवाई के यहां तेल को कई बार उपयोग करते हैं, इससे खाने-पीने की सामग्री को लंबे समय तक खाने से हृदय की नसों में वसा जमने लगता है। नस संकुचित होने से हृदयाघात होता है। यदि शराब और धूम्रपान की लत है तो खतरा पांच गुना तक बढ़ जाता है।
स्वस्थ हृदय के लिए औसत मानक क्या हैं?
- आपकी धड़कन: 60-80 प्रति मिनट होनी चाहिए
- रक्तचाप: 110/70 मिमी/एचजी हो
- खाली पेट पर शुगर का स्तर: 100 एमजी और
- भोजन के बाद शुगर का स्तर: 110-140 एमजी
- नमक: किसी भी रूप में कुल 2-5 ग्राम रोजाना
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
- नियमित योग-ध्यान करें। पैदल चलने की आदत डालें।
- कम दूरी पर जाने के लिए साइकिल का उपयोग करें।
- दाल, हरी तरकारी, चपाती और फल-सलाद अधिक खाएं।
- घर के बना भोजन खाएं, फास्ट फूड-तले भोजन से पेट न भरें।
- शराब-धूम्रपान न करें, 30 की उम्र के बाद जांच कराएं।