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फिटनेस बिगड़ी तो लकवे का खतरा
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Sat, 03 Oct 2015 02:01 AM IST
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बिगड़ी दिनचर्या और खराब फिटनेस हार्ट, डायबिटिक ही नहीं लकवे का भी पेशेंट बना सकती है। इससे भी तंत्रिकातंत्र प्रभावित होता है। बड़ी बात, अब युवा भी इसकी गिरफ्त में हैं। दुनिया भर के प्रमुख न्यूरोफिजिशियन का मानना है कि लकवे की बड़ी वजह धूम्रपान और जंक फूड, काम का दबाव और जॉब-गृहकलेश जैसी समस्याएं आदि हैं। मरीजों में 40 से कम उम्र के 24-28 फीसदी रोगी सामने आ रहे हैं।
एनुअल कांफ्रेंस ऑफ इंडियन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी (इनकॉन-2015) का 23वां राष्ट्रीय अधिवेशन शुक्रवार को लकवे पर केंद्रित रहा। होटल जेपी पैलेस में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन 140 शोध पत्र पढ़े गए। इंडियन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी के पूर्व अध्यक्ष डा. सीएस मेश्राम ने बताया कि जंक फूड, बाहर के खाने में नुकसानदेह तत्व होने की संभावना रहती है। लगातार सेवन से हृदय की नस संकरी होने लगती है। इससे दिमाग तक रक्तसंचार प्रभावित होता है। वरिष्ठ न्यूरोफिजीशियन डा. पीके माहेश्वरी बताते हैं कि लकवा आने के 1.30 घंटे के अंदर मरीज को इलाज मिले तो ठीक होने की संभावना अधिक रहती है। एकेडमिक सेशन में डा. यूके मिश्रा ने विटामिन्स का नस की बीमारी में महत्व बताया। वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ न्यूरोलॉजी के अध्यक्ष डा. राद शाकिर ने प्रशिक्षु चिकित्सकों को मरीज की जांच का तरीका बताया। डा. अरविंद मुखर्जी ने चेंजिंग सीन इन ट्रोपिकल न्यूरोलॉजी और डा. एनई भरुचा ने डिफिकल्टीज इन कंडक्टिंग न्यूरो एपिडेमाइलोजीकल स्टडीज इन डेवलपिंग कंट्रीज पर व्याख्यान दिया। डा. सतीश चंद्रा, डा. अनिल गुलाटी, डा. सर्वेश अग्रवाल, डा. रमाकांत यादव के भी व्याख्यान रहे।
इनका रखें ध्यान:
- नियमित टहलें, व्यायाम करें
- चिकनाईयुक्त और बाहर के खाने से बचें
- खाने में नमक का इस्तेमाल कम करें
- हरी सब्जी और फल खाएं
ये लक्षण दिखें तो सावधान
- चक्कर आना
- चलने में लड़खड़ाना
- आवाज में अंतर आना
- शरीर का कोई हिस्सा सुन्न होना
- याददाश्त कमजोर होना
50 की उम्र में भी अल्जाइमर
एल्जाइमर अब 50 की उम्र में भी दस्तक देने लगा है। इसका जेनेटिक, सिर में चोट लगना और डाउन सिंड्रोम बड़ा कारण है। कानपुर मेडिकल कालेज के प्राचार्य और वरिष्ठ न्यूरोफिजीशियन प्रो. नवनीत कुमार ने बताया कि नाम भूलना, लिखते समय भूलना, कार्य और परिचित याद न आने जैसी शिकायत भी रहती हैं। जागरूकता के लिए उन्होंने हिंदी में हमारा मस्तिष्क और एल्जाइमर रोग पुस्तक लिखी है, इसका डा. सुभाष कौल, डा. सुवर्णा ने विमोचन किया। शाम को कलाकृति शो का भी डाक्टरों ने लुत्फ उठाया।
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कुणाल, शिवानी शो आज
- इनकॉन 2015 के तीसरे दिन कुणाल गांजेवाला और शिवानी कश्यप का शो होगा। देर शाम शुरू होने वाले कार्यक्रम में इनकॉन के सदस्य ही आमंत्रित हैं।
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एनुअल कांफ्रेंस ऑफ इंडियन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी (इनकॉन-2015) का 23वां राष्ट्रीय अधिवेशन शुक्रवार को लकवे पर केंद्रित रहा। होटल जेपी पैलेस में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन 140 शोध पत्र पढ़े गए। इंडियन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी के पूर्व अध्यक्ष डा. सीएस मेश्राम ने बताया कि जंक फूड, बाहर के खाने में नुकसानदेह तत्व होने की संभावना रहती है। लगातार सेवन से हृदय की नस संकरी होने लगती है। इससे दिमाग तक रक्तसंचार प्रभावित होता है। वरिष्ठ न्यूरोफिजीशियन डा. पीके माहेश्वरी बताते हैं कि लकवा आने के 1.30 घंटे के अंदर मरीज को इलाज मिले तो ठीक होने की संभावना अधिक रहती है। एकेडमिक सेशन में डा. यूके मिश्रा ने विटामिन्स का नस की बीमारी में महत्व बताया। वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ न्यूरोलॉजी के अध्यक्ष डा. राद शाकिर ने प्रशिक्षु चिकित्सकों को मरीज की जांच का तरीका बताया। डा. अरविंद मुखर्जी ने चेंजिंग सीन इन ट्रोपिकल न्यूरोलॉजी और डा. एनई भरुचा ने डिफिकल्टीज इन कंडक्टिंग न्यूरो एपिडेमाइलोजीकल स्टडीज इन डेवलपिंग कंट्रीज पर व्याख्यान दिया। डा. सतीश चंद्रा, डा. अनिल गुलाटी, डा. सर्वेश अग्रवाल, डा. रमाकांत यादव के भी व्याख्यान रहे।
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इनका रखें ध्यान:
- नियमित टहलें, व्यायाम करें
- चिकनाईयुक्त और बाहर के खाने से बचें
- खाने में नमक का इस्तेमाल कम करें
- हरी सब्जी और फल खाएं
ये लक्षण दिखें तो सावधान
- चक्कर आना
- चलने में लड़खड़ाना
- आवाज में अंतर आना
- शरीर का कोई हिस्सा सुन्न होना
- याददाश्त कमजोर होना
50 की उम्र में भी अल्जाइमर
एल्जाइमर अब 50 की उम्र में भी दस्तक देने लगा है। इसका जेनेटिक, सिर में चोट लगना और डाउन सिंड्रोम बड़ा कारण है। कानपुर मेडिकल कालेज के प्राचार्य और वरिष्ठ न्यूरोफिजीशियन प्रो. नवनीत कुमार ने बताया कि नाम भूलना, लिखते समय भूलना, कार्य और परिचित याद न आने जैसी शिकायत भी रहती हैं। जागरूकता के लिए उन्होंने हिंदी में हमारा मस्तिष्क और एल्जाइमर रोग पुस्तक लिखी है, इसका डा. सुभाष कौल, डा. सुवर्णा ने विमोचन किया। शाम को कलाकृति शो का भी डाक्टरों ने लुत्फ उठाया।
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कुणाल, शिवानी शो आज
- इनकॉन 2015 के तीसरे दिन कुणाल गांजेवाला और शिवानी कश्यप का शो होगा। देर शाम शुरू होने वाले कार्यक्रम में इनकॉन के सदस्य ही आमंत्रित हैं।