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Defense Industrial Corridor: बिझामई में 400 करोड़ रुपये से लगेगी रडार बनाने की फैक्टरी, जमीन के लिए हुआ सर्वे
Thu, 06 Feb 2025 10:18 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 06 Feb 2025 10:18 AM IST
सार
डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में 400 करोड़ रुपये से रडार बनाने की फैक्टरी बिझामई में लगेगी। इसके लिए यूपीडा के अधिकारियों की टीम ने भूमि का सर्वे किया।
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बिझमाई में सर्वे करते बीएचईएल व यूपीडा के अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे के निकट बिझामई गांव में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में 400 करोड़ रुपये से रडार बनाने की फैक्टरी लगेगी। बुधवार को भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचईएल) और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) अधिकारियों की टीम ने भूमि का सर्वे किया।
बीएचईएल की महाप्रबंधक रश्मि कथूरिया और यूपीडा सीडीएम कर्नल संजय कुमार के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम ने करीब सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट बनाई है। जिसे बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड में प्रस्ताव पर सहमति बनी तो 400 करोड़ रुपये का निवेश रक्षा उपकरणों की फैक्टरी बनाने में होगा। डिफेंस कॉरिडोर में 106 हेक्टेयर भूमि प्रशासन के पास उपलब्ध है। बीएचईएल को 60 हेक्टेयर भूमि चाहिए। लखनऊ एक्सप्रेस-वे से सीधी कनेक्टिविटी के लिए नदौता पुलिया पर रैंप बनानी पड़ेगी।
आगरा, झांसी, लखनऊ, चित्रकूट में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की घोषणा 2019 में केंद्र सरकार की ओर से की गई थी। छह साल में दो चरणों में जमीन अधिग्रहण हुआ। आगरा में यह रक्षा उपकरण बनाने की पहली फैक्टरी होगी। जहां रडार से लेकर अन्य रक्षा उपकरण व संचार प्रणाली का निर्माण होगा। बीएचईएल की डिफेंस एंड एयरोस्पेस यूनिट सेना के लिए रक्षा उपकरण 30 वर्षों से बना रही है। बिझामई स्थित डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को लखनऊ एक्सप्रेस-वे होते हुए डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर से भी जोड़ा जाएगा।
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बीएचईएल की महाप्रबंधक रश्मि कथूरिया और यूपीडा सीडीएम कर्नल संजय कुमार के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम ने करीब सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट बनाई है। जिसे बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड में प्रस्ताव पर सहमति बनी तो 400 करोड़ रुपये का निवेश रक्षा उपकरणों की फैक्टरी बनाने में होगा। डिफेंस कॉरिडोर में 106 हेक्टेयर भूमि प्रशासन के पास उपलब्ध है। बीएचईएल को 60 हेक्टेयर भूमि चाहिए। लखनऊ एक्सप्रेस-वे से सीधी कनेक्टिविटी के लिए नदौता पुलिया पर रैंप बनानी पड़ेगी।
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आगरा, झांसी, लखनऊ, चित्रकूट में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की घोषणा 2019 में केंद्र सरकार की ओर से की गई थी। छह साल में दो चरणों में जमीन अधिग्रहण हुआ। आगरा में यह रक्षा उपकरण बनाने की पहली फैक्टरी होगी। जहां रडार से लेकर अन्य रक्षा उपकरण व संचार प्रणाली का निर्माण होगा। बीएचईएल की डिफेंस एंड एयरोस्पेस यूनिट सेना के लिए रक्षा उपकरण 30 वर्षों से बना रही है। बिझामई स्थित डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को लखनऊ एक्सप्रेस-वे होते हुए डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर से भी जोड़ा जाएगा।
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