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Mathura: पटाखा बाजार में अग्निकांड मामला, किशोर के बाद पिता ने भी तोड़ा दम; पहले हो चुकी हैं पांच मौतें
Fri, 17 Nov 2023 11:16 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 17 Nov 2023 11:16 AM IST
सार
राया पटाखा बाजार हादसे में झुलसे एक अन्य व्यक्ति की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। बीते दिन उसके 17 वर्षीय बेटे ने दम तोड़ दिया था। इसके साथ ही इस अग्निकांड में मरने वालों की संख्या छह पहुंच गई है।
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मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा के राया पटाखा बाजार में दिवाली को हुए अग्निकांड में झुलसे लोगों की मौत का सिलसिला रुक नहीं रहा है। बृहस्पतिवार को नौहझील के एक किशोर राजेश की मौत के बाद शुक्रवार तड़के उसके पिता मोहन की भी मौत हो गई। दिल्ली एम्स में उनका उपचार चल रहा था। मोहन के दो बेटे एम्स में ही मौत से जूझ रहे हैं। हादसे में मंगलवार को मृत हाथरस के युवक नौहझील के मोहन के सगे साले थे। हादसे में कुल 17 लोग झुलसे थे, जिनमें से छह की मौत हो चुकी है। छह अभी गंभीर स्थिति में हैं।
नौहझील कस्बा के आजाद नगर निवासी मोहन द्वारा राया के गोपाल बाग में अस्थायी पटाखे की दुकान लगाई थी। मोहन की मदद के लिए उनका बड़ा बेटा रिंकू (26), राजेश (18) और जतिन (15) दुकान पर मौजूद थे। उसी वक्त बाजार में अग्निकांड हो गया। मोहन सिंह सहित तीनों बेटे झुलस गए थे। वहीं, मोहन की पत्नी के भाई सुशील व ठाकुरदास निवासी बमनई, हाथरस ने भी पटाखे की दुकान लगाई थी। यह सभी अग्निकांड में गंभीर रूप से झुलस गए। ठाकुरदास और सुशील की मंगलवार को मौत हो गई।
बृहस्पतिवार को एम्स में उपचार के दौरान मोहन के बेटे राजेश ने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद शुक्रवार को मोहन ने दम तोड़ दिया। परिवार की इस पीड़ा को देख हर किसी की आंख नम हो गई। पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए लोगों को हुजूम उमड़ पड़ा। गमगीन माहौल में देर शव अंतिम संस्कार को गांव में लाया गया है।
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नौहझील कस्बा के आजाद नगर निवासी मोहन द्वारा राया के गोपाल बाग में अस्थायी पटाखे की दुकान लगाई थी। मोहन की मदद के लिए उनका बड़ा बेटा रिंकू (26), राजेश (18) और जतिन (15) दुकान पर मौजूद थे। उसी वक्त बाजार में अग्निकांड हो गया। मोहन सिंह सहित तीनों बेटे झुलस गए थे। वहीं, मोहन की पत्नी के भाई सुशील व ठाकुरदास निवासी बमनई, हाथरस ने भी पटाखे की दुकान लगाई थी। यह सभी अग्निकांड में गंभीर रूप से झुलस गए। ठाकुरदास और सुशील की मंगलवार को मौत हो गई।
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बृहस्पतिवार को एम्स में उपचार के दौरान मोहन के बेटे राजेश ने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद शुक्रवार को मोहन ने दम तोड़ दिया। परिवार की इस पीड़ा को देख हर किसी की आंख नम हो गई। पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए लोगों को हुजूम उमड़ पड़ा। गमगीन माहौल में देर शव अंतिम संस्कार को गांव में लाया गया है।
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