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एक चिंगारी दिखा सकती तबाही का मंजर!
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 20 Jun 2015 02:54 AM IST
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प्रतापगढ़ के बाबागंज स्थित होटल में अग्निकांड की घटना ने शहर के होटलोें में भी ठहरने वाले लोगों की सुरक्षा का बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। ज्यादातर होटलों में आग से सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। इस पर अग्निशमन विभाग की नजर भी नहीं है। 90 फीसदी होटलों ने अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन तक नहीं किया है। इनका कोई रिकॉर्ड तक नहीं है।
ताजमहल का दीदार करने रोजाना हजारों की संख्या में पर्यटक आगरा आते हैं। शहर में बजट क्लास, तीन और पांच सितारा होटल को मिलाकर तकरीबन 350 ही रजिस्टर्ड हैं। ताजगंज, ईदगाह, न्यू आगरा और सिकंदरा क्षेत्र में होटल हैं। इनके अलावा कई होटल घर में ही संचालित हो रहे हैं। मगर, पर्यटकों के लिए ये कितने सुरक्षित हैं, यह कहा नहीं जा सकता। सीएफओ ने बताया कि प्रमाण पत्र हर साल रिन्यू भी किया जाता है। समय-समय पर मॉक ड्रिल कराई जाती है। इस साल 15 होटलों को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।
...तो होटल पर हो सकती है सीलिंग की कार्रवाई
सीएफओ ने बताया कि मानकों को पूरा नहीं करने पर अग्निशमन विभाग नोटिस जारी करता है। इसके बाद भी निर्धारित समयावधि में पालन नहीं होता है तो प्रशासन को पत्र लिखकर सीलिंग की कार्रवाई की जा सकती है। होटलों का सराय एक्ट के अंतर्गत पंजीकरण होता है। इससे पूर्व विभाग की एनओसी आवश्यक है।
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ये होने चाहिए इंतजाम
- बिल्डिंग में फायर स्टिंगुशर लगे होने चाहिए।
- हौज रील लगाई जाए।
- बिल्डिंग के चारों ओर पाइप लगाया जाए।
- बिजली से चलित फायर अलार्म सिस्टम।
- आग लगने पर स्वत: बजने वाला अलार्म।
- कम से कम दो सीढ़ियों की व्यवस्था।
- होटल में आगे की तरफ खिड़कियां हों।
- बाहर निकलने के लिए दो गेट बनाएं।
- कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्र चलाने की जानकारी।
- यंत्र ऐसी जगह लगाएं, जिससे सभी को दिखे।
- बिजली की वायरिंग दुरुस्त होनी चाहिए।
पानी के टैंक तक नहीं बने
अग्निशमन विभाग के मुताबिक, 300 स्क्वॉयर मीटर और 15 मीटर की ऊंचाई तक के होटल के भवन में पानी की सप्लाई के लिए छत पर कम से कम पांच हजार लीटर की क्षमता वाला टैंक आवश्यक हैं। इससे अधिक क्षेत्रफल वाले भवन के लिए दस हजार लीटर का टैंक बना हो। इनमें 50 हजार से लेकर एक लाख लीटर तक के भूमिगत पानी के टैंक भी होने चाहिए। मगर, पांच और तीन सितारा होटल को छोड़ दें तो बाकी होटल में शायद ही कभी इतनी क्षमता के टैंक बने होंगे।
प्रतापगढ़ की घटना के बाद आई चेकिंग की याद
प्रतापगढ़ की घटना के बाद अग्निशमन विभाग ने ताजगंज क्षेत्र के होटलों में आग बुझाने के इंतजाम देखे। सीएफओ जसवीर सिंह, एफएसओ रिहान अली सहित अन्य कर्मचारियों ने दोपहर 12 बजे होटल चेक किए। पुरानी मंडी रोड स्थित एक होटल में कर्मचारियों को उपकरण चलाने की जानकारी नहीं थी। इस पर उन्हें बताया कि कैसे बचाव करें। पाइप खुलवाकर पानी चलाकर भी देखा गया। हिदायत दी कि होटल कर्मियोें को विभाग के कर्मचारियों को बुलाकर प्रशिक्षण दिलाया जाए।
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ताजमहल का दीदार करने रोजाना हजारों की संख्या में पर्यटक आगरा आते हैं। शहर में बजट क्लास, तीन और पांच सितारा होटल को मिलाकर तकरीबन 350 ही रजिस्टर्ड हैं। ताजगंज, ईदगाह, न्यू आगरा और सिकंदरा क्षेत्र में होटल हैं। इनके अलावा कई होटल घर में ही संचालित हो रहे हैं। मगर, पर्यटकों के लिए ये कितने सुरक्षित हैं, यह कहा नहीं जा सकता। सीएफओ ने बताया कि प्रमाण पत्र हर साल रिन्यू भी किया जाता है। समय-समय पर मॉक ड्रिल कराई जाती है। इस साल 15 होटलों को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।
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...तो होटल पर हो सकती है सीलिंग की कार्रवाई
सीएफओ ने बताया कि मानकों को पूरा नहीं करने पर अग्निशमन विभाग नोटिस जारी करता है। इसके बाद भी निर्धारित समयावधि में पालन नहीं होता है तो प्रशासन को पत्र लिखकर सीलिंग की कार्रवाई की जा सकती है। होटलों का सराय एक्ट के अंतर्गत पंजीकरण होता है। इससे पूर्व विभाग की एनओसी आवश्यक है।
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ये होने चाहिए इंतजाम
- बिल्डिंग में फायर स्टिंगुशर लगे होने चाहिए।
- हौज रील लगाई जाए।
- बिल्डिंग के चारों ओर पाइप लगाया जाए।
- बिजली से चलित फायर अलार्म सिस्टम।
- आग लगने पर स्वत: बजने वाला अलार्म।
- कम से कम दो सीढ़ियों की व्यवस्था।
- होटल में आगे की तरफ खिड़कियां हों।
- बाहर निकलने के लिए दो गेट बनाएं।
- कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्र चलाने की जानकारी।
- यंत्र ऐसी जगह लगाएं, जिससे सभी को दिखे।
- बिजली की वायरिंग दुरुस्त होनी चाहिए।
पानी के टैंक तक नहीं बने
अग्निशमन विभाग के मुताबिक, 300 स्क्वॉयर मीटर और 15 मीटर की ऊंचाई तक के होटल के भवन में पानी की सप्लाई के लिए छत पर कम से कम पांच हजार लीटर की क्षमता वाला टैंक आवश्यक हैं। इससे अधिक क्षेत्रफल वाले भवन के लिए दस हजार लीटर का टैंक बना हो। इनमें 50 हजार से लेकर एक लाख लीटर तक के भूमिगत पानी के टैंक भी होने चाहिए। मगर, पांच और तीन सितारा होटल को छोड़ दें तो बाकी होटल में शायद ही कभी इतनी क्षमता के टैंक बने होंगे।
प्रतापगढ़ की घटना के बाद आई चेकिंग की याद
प्रतापगढ़ की घटना के बाद अग्निशमन विभाग ने ताजगंज क्षेत्र के होटलों में आग बुझाने के इंतजाम देखे। सीएफओ जसवीर सिंह, एफएसओ रिहान अली सहित अन्य कर्मचारियों ने दोपहर 12 बजे होटल चेक किए। पुरानी मंडी रोड स्थित एक होटल में कर्मचारियों को उपकरण चलाने की जानकारी नहीं थी। इस पर उन्हें बताया कि कैसे बचाव करें। पाइप खुलवाकर पानी चलाकर भी देखा गया। हिदायत दी कि होटल कर्मियोें को विभाग के कर्मचारियों को बुलाकर प्रशिक्षण दिलाया जाए।