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सोल फैक्ट्री में भीषण आग, पांच श्रमिक झुलसे, लाखों का नुकसान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 23 Jan 2018 10:25 AM IST
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जूता सोल फैक्टरी में आग लगी
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के सिकंदरा के इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार सुबह एक जूता सोल बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। एक मशीन में शार्ट सर्किट के बाद केमिकल ड्रमों ने आग लग गई।
इससे केमिकल से भरे ड्रम तेज धमाकों के साथ फट गए। महिला सहित पांच कर्मचारी बुरी तरह से झुलस गए। अग्निकांड से कर्मचारियों में भगदड़ मच गई।
झुलसे कर्मचारियों को किसी तरह बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना पर पहुंचीं पांच दमकलों ने आग पर काबू पाया। एक कर्मचारी की हालत गंभीर है।
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इससे केमिकल से भरे ड्रम तेज धमाकों के साथ फट गए। महिला सहित पांच कर्मचारी बुरी तरह से झुलस गए। अग्निकांड से कर्मचारियों में भगदड़ मच गई।
झुलसे कर्मचारियों को किसी तरह बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना पर पहुंचीं पांच दमकलों ने आग पर काबू पाया। एक कर्मचारी की हालत गंभीर है।
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भरतपुर हाउस, हरीपर्वत निवासी विजय कुमार विज की बन्नी पॉली प्लास्ट के नाम से इंडस्ट्रियल एरिया में सी-16, साइट ए में जूते के सोल और फर्मे की फैक्ट्री है। सुबह 9:45 बजे फैक्ट्री में सौ से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे थे।
मशीन रूम में लगे पीयू सोल बनाने की मशीन के पास हीटर में अचानक शार्ट सर्किट हुआ। चिंगारी निकलने के बाद धमाके साथ आग लग गई। कर्मचारी आग बुझाने का प्रयास करने लगे। मशीन के पास ही ज्वलनशील केमिकल से भरे ड्रम रखे हुए थे।
केमिकल से भरे ड्रमों ने भी आग पकड़ ली। कर्मचारी कुछ कर पाते, उससे पहले ही ड्रम तेज धमाके के साथ फट गए। दो धमाके हुए। जलता हुआ केमिकल पांच कर्मचारियों पर गिरा। वह बुरी तरह से झुलस गए। कर्मचारी बाहर भागने लगे।
मशीन रूम में लगे पीयू सोल बनाने की मशीन के पास हीटर में अचानक शार्ट सर्किट हुआ। चिंगारी निकलने के बाद धमाके साथ आग लग गई। कर्मचारी आग बुझाने का प्रयास करने लगे। मशीन के पास ही ज्वलनशील केमिकल से भरे ड्रम रखे हुए थे।
केमिकल से भरे ड्रमों ने भी आग पकड़ ली। कर्मचारी कुछ कर पाते, उससे पहले ही ड्रम तेज धमाके के साथ फट गए। दो धमाके हुए। जलता हुआ केमिकल पांच कर्मचारियों पर गिरा। वह बुरी तरह से झुलस गए। कर्मचारी बाहर भागने लगे।
ये कर्मचारी झुलसे
गार्ड जगदीश ने फैक्ट्री का गेट खोल दिया। इससे कर्मचारी सड़क पर आ गए। अग्निकांड में कर्मचारी मोहन सिंह (45) निवासी अरतौनी, सुनील (40) निवासी पीर कल्याणी, दामोदर (45) निवासी मुरैंडा (अछनेरा), रीना (32) पत्नी राधेश्याम निवासी नगला तुहराम और टीटू (19) निवासी अटूस झुलस गए
टीटू ज्यादा झुलसा है। उसकी हालत गंभीर है। आग की चपेट में सोल बनाने का मैटेरियल भी आ गया। कर्मचारियों ने बताया कि फैक्ट्री में फायर सिस्टम लगा हुआ है। शार्ट सर्किट की वजह से फायर सिस्टम चालू नहीं हो सका। जेनरेटर भी नहीं चला।
इस कारण कर्मचारियों को आग बुझाने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। बाहर से पानी लाना पड़ा। सूचना पर 15 मिनट बाद पुलिस और पांच दमकल भी पहुंच गई।
टीटू ज्यादा झुलसा है। उसकी हालत गंभीर है। आग की चपेट में सोल बनाने का मैटेरियल भी आ गया। कर्मचारियों ने बताया कि फैक्ट्री में फायर सिस्टम लगा हुआ है। शार्ट सर्किट की वजह से फायर सिस्टम चालू नहीं हो सका। जेनरेटर भी नहीं चला।
इस कारण कर्मचारियों को आग बुझाने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। बाहर से पानी लाना पड़ा। सूचना पर 15 मिनट बाद पुलिस और पांच दमकल भी पहुंच गई।
लाखों का हुआ नुकसान
दमकल कर्मियों ने ढाई घंटे में आग पर काबू पाया। एफएसओ उमेश गौतम ने बताया कि आग शार्ट सर्किट से लगी है। कुछ कर्मचारी झुलसे हैं। अग्निकांड में लाखों के नुकसान का अनुमान है।
कर्मचारियों ने बताया कि फैक्ट्री के गेट के पास से गोदाम तक दीवार के सहारे बड़ी संख्या में केमिकल से भरे हुए ड्रम रखे हुए थे। आग मशीन रूम में लगी थी।
आग फैलने की आशंका पर आरिफ, श्याम, अनूप सहित 10-12 कर्मचारी फैक्ट्री परिसर में आ गए। उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए एक-एक करके सभी ड्रमों को बाहर निकाल लाए।
फैक्ट्री से 50 मीटर की दूरी पर ड्रमों को रख दिया। अगर, आग ड्रमों तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। पहले भी लगी थी। एक दुकानदार ने बताया कि फैक्ट्री में कई साल पहले भी आग लग गई थी। तब केमिकल में आग लग गई थी।
कर्मचारियों ने बताया कि फैक्ट्री के गेट के पास से गोदाम तक दीवार के सहारे बड़ी संख्या में केमिकल से भरे हुए ड्रम रखे हुए थे। आग मशीन रूम में लगी थी।
आग फैलने की आशंका पर आरिफ, श्याम, अनूप सहित 10-12 कर्मचारी फैक्ट्री परिसर में आ गए। उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए एक-एक करके सभी ड्रमों को बाहर निकाल लाए।
फैक्ट्री से 50 मीटर की दूरी पर ड्रमों को रख दिया। अगर, आग ड्रमों तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। पहले भी लगी थी। एक दुकानदार ने बताया कि फैक्ट्री में कई साल पहले भी आग लग गई थी। तब केमिकल में आग लग गई थी।