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Agra News: जूता कारोबारी से 15.45 लाख की ठगी...माल लेने के बाद नहीं किया भुगतान, तीन फर्मों पर एफआईआर
Wed, 21 Jan 2026 11:53 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Wed, 21 Jan 2026 11:53 PM IST
सार
माल लेने के बाद कारोबारियों की ओर से भुगतान नहीं किया गया। आरोपियों ने अपनी फर्म व दुकानें बंद कर दी हैं। उनके चेक भी बाउंस हो चुके हैं। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के जूता कारोबारी ने पुणे के दो कारोबारियों पर 15.45 लाख रुपये हड़पने के आरोप में हरीपर्वत थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
जयपुर हाउस निवासी सुनीता महाजन ने पुलिस को बताया कि वह अपने पुत्र अखिल और नितिन महाजन के साथ शशांक इंटरनेशनल फर्म संचालित करती हैं। संजय प्लेस में कार्यालय है। आरोप है कि पुणे की फर्म सचदेव इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर यश सचदेव और राजेश सचदेव ने वर्ष 2019 से जूते का माल खरीदना शुरू किया।
दोनों पक्षों के बीच 50 दिन में भुगतान का समझौता हुआ था। इससे अधिक उधार देने से मना करने पर आरोपियों ने गारंटी के तौर पर 10 चेक दिए और भरोसा दिलाया कि चेक पास हो जाएंगे, जिसके बाद लगातार माल भेजा गया। 2019 से 2023 तक व्यापार चलता रहा और बीच-बीच में छोटी रकम दी जाती रही, लेकिन बकाया लगातार बढ़ता गया। वर्ष 2023 तक कुल बकाया 28.72 लाख रुपये हो गया।
नोटिस के बाद आरोपियों ने 13 लाख रुपये लौटाए। इसके बावजूद अब भी 15.45 लाख रुपये बकाया हैं। भुगतान मांगने पर गाली-गलौज की जाती है और आरोपियों ने अपनी फर्म व दुकानें बंद कर दी हैं। उनके चेक भी बाउंस हो चुके हैं। थाना प्रभारी का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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जयपुर हाउस निवासी सुनीता महाजन ने पुलिस को बताया कि वह अपने पुत्र अखिल और नितिन महाजन के साथ शशांक इंटरनेशनल फर्म संचालित करती हैं। संजय प्लेस में कार्यालय है। आरोप है कि पुणे की फर्म सचदेव इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर यश सचदेव और राजेश सचदेव ने वर्ष 2019 से जूते का माल खरीदना शुरू किया।
दोनों पक्षों के बीच 50 दिन में भुगतान का समझौता हुआ था। इससे अधिक उधार देने से मना करने पर आरोपियों ने गारंटी के तौर पर 10 चेक दिए और भरोसा दिलाया कि चेक पास हो जाएंगे, जिसके बाद लगातार माल भेजा गया। 2019 से 2023 तक व्यापार चलता रहा और बीच-बीच में छोटी रकम दी जाती रही, लेकिन बकाया लगातार बढ़ता गया। वर्ष 2023 तक कुल बकाया 28.72 लाख रुपये हो गया।
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नोटिस के बाद आरोपियों ने 13 लाख रुपये लौटाए। इसके बावजूद अब भी 15.45 लाख रुपये बकाया हैं। भुगतान मांगने पर गाली-गलौज की जाती है और आरोपियों ने अपनी फर्म व दुकानें बंद कर दी हैं। उनके चेक भी बाउंस हो चुके हैं। थाना प्रभारी का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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