एटा बवाल: 17 नामजद सहित 225 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा, पथराव में एसडीएम हुए थे घायल
एटा में मरीज की मौत के बाद निधौली रोड पर सोमवार रात को जमकर बवाल हुआ था। उपद्रवियों ने पथराव भी किया। एक पत्थर एसडीएम की आंख के पास जाकर लगा, जिससे वह घायल हो गए थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एटा के निधौली रोड किनारे स्थित क्लीनिक पर मरीज की मौत के बाद सोमवार रात जमकर बवाल हुआ। लोगों ने करीब चार घंटे जाम लगाए रखा। वहीं पथराव कर एसडीएम को घायल कर दिया। अराजकतत्वों को पुलिस ने निशाने पर ले लिया है। जहां पुलिस ने 17 नामजद और 225 अज्ञात के विरुद्ध जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की है।
कोतवाली देहात के उपनिरीक्षक दयाशंकर ने यह रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि सूचना मिली थी कि निधौली मार्ग पर एक व्यक्ति की मौत पर शव रखकर जाम लगा दिया है। मौके पर पहुंच जानकारी करने पर पता चला कि एक अपंजीकृत चिकित्सक द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के रिएक्शन से गांव बारथर के अरविंद की मौत हुई है।
मार्ग के दोनों तरफ लग गया था लंबा जाम
लोगों का आक्रोश देख दुकानदार दुकानें बंद कर चले गए। मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए आरोपियों को समझाया गया, लेकिन नहीं माने। मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम शिवकुमार व सीओ सिटी ने समझाने का प्रयास किया।
इस दौरान भीड़ नारेबाजी करने लगी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भीड़ को रोकने की कोशिश की गई। जिस पर भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। इससे एसडीएम सदर सहित कई पुलिस कर्मियों के चोटे आईं। वीडियोग्राफी से पहचान होने पर 17 नामजद व 225 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इन पर हुई रिपोर्ट दर्ज
बारथर के अखिलेश सिंह, चंदन, अवधेश, दीपू, छोटे, बंटी, सचिन, आकाश, राजू, बृजेश, विनय, विक्की, अश्वनी, छोटा, अंजू, नंदू यादव, मिटठईया सहित 225 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। इन पर जानलेवा हमले सहित उपद्रव आदि 10 धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
क्लीनिक संचालक पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा
मरीज की मौत के मामले में उसके परिजन ने क्लीनिक संचालक के खिलाफ तहरीर देकर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया है। बारथर निवासी मृतक के भाई आकाश ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 25 वर्षीय भाई अरविंद एटा में सोमवार को मजदूरी करने आया था। जहां उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई।
उसे लेकर निधौली रोड वनगांव में एक क्लीनिक पर पहुंचे। क्लीनिक संचालक ने भाई को एक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही भाई की हालत खराब होने लगी। जब क्लीनिक संचालक से दवा देने को कहा तो उसने कहीं और ले जाने की बात कह दी और जातिसूचक गालियां दी। बाद में क्लीनिक संचालक दुकान से बाहर भाई को फेंककर चला गया। जिससे भाई की मौत हो गई।